गुण मिलान: मांगलिक दोष के साथ कुंडली मिलान
जांची गई गणना · 22 अक्टूबर 2026 को अपडेट
गुण मिलान दोनों के जन्म के चंद्रमा से 36 में से अंक देता है। लड़के और लड़की का नाम, जन्म तिथि, समय और स्थान भरें। आपको आठों कूट और उनके अंक, नाड़ी और भकूट दोष, फल, और दोनों का मांगलिक दोष मिलेगा, जो 36 अंकों में शामिल नहीं होता।
गुण मिलान क्या है?
गुण मिलान, जिसे अष्टकूट मिलान या कुंडली मिलान भी कहते हैं, शादी की बात आगे बढ़ाने से पहले की सबसे आम जांच है। इसमें लड़के और लड़की के जन्म के चंद्रमा को आठ बातों पर मिलाया जाता है। इन्हें कूट कहते हैं, हर कूट के 1 से 8 तक अंक हैं और कुल 36। जितने ज़्यादा अंक, मिलान उतना अच्छा माना जाता है; ज़्यादातर परिवार 18 या उससे ऊपर देखकर ही बात आगे बढ़ाते हैं।
36 के सारे अंक इस पर टिके हैं कि जन्म के समय चंद्रमा कहां था: किस राशि में, किस नक्षत्र में और नक्षत्र के किस चरण में। इसीलिए कैलकुलेटर दोनों का जन्म समय और जन्म स्थान मांगता है, सिर्फ़ तारीख़ नहीं। चंद्रमा लगभग रोज़ नक्षत्र बदलता है, इसलिए सिर्फ़ तारीख़ से नक्षत्र गलत हो सकता है और आधे कूट बदल सकते हैं।
आठ कूट क्या देखते हैं?
हर कूट शादीशुदा ज़िंदगी का एक पहलू देखता है और उसके अंक तय हैं। वर्ण (1 अंक) स्वभाव और काम, वश्य (2) आपसी खिंचाव, तारा (3) एक दूसरे के जन्म नक्षत्र से भाग्य, योनि (4) शारीरिक मेल, ग्रह मैत्री (5) दोनों राशियों के स्वामियों की दोस्ती, गण (6) प्रकृति, भकूट (7) परिवार की खुशहाली और संतान, और नाड़ी (8) सेहत और संतान। फल के नीचे की तालिका में हर कूट में दोनों का वर्ग और मिले अंक दिखते हैं।
सबसे भारी आखिरी दो हैं। भकूट और नाड़ी मिलकर 36 में से 15 अंक रखते हैं, और इनमें से किसी में शून्य को दोष कहा जाता है।
नाड़ी दोष और भकूट दोष क्या हैं?
नाड़ी दोष तब होता है जब दोनों की नाड़ी एक हो (आदि, मध्य या अंत्य)। इसमें 8 में से 0 अंक मिलते हैं और इसे सबसे गंभीर माना जाता है: नाड़ी दोष हो तो कुल अंक कितने भी हों, मिलान की सलाह नहीं दी जाती। यह दोष तब नहीं लगता और पूरे 8 अंक मिलते हैं, जब दोनों की राशि एक हो पर नक्षत्र अलग, नक्षत्र एक हो पर राशि अलग, या दोनों एक हों पर चंद्रमा कम से कम एक चरण (3 अंश 20 कला) दूर हों।
भकूट दोष तब होता है जब दोनों की चंद्र राशियां एक दूसरे से 2 और 12, 5 और 9, या 6 और 8 राशि दूर हों। इसमें 7 में से 0 अंक मिलते हैं और फल नीचे आ जाता है: भकूट दोष के साथ 26 या ज़्यादा अब भी बहुत अच्छा, 21 से 25 साधारण, और 20 या कम ठीक नहीं माना जाता।
कुल अंक कैसे पढ़ें?
कोई दोष न हो तो 31 से 36 अंक उत्तम, 21 से 30 बहुत अच्छा, 17 से 20 साधारण, और 16 या कम ठीक नहीं माना जाता। वश्य, तारा और ग्रह मैत्री में आधा अंक भी मिल सकता है; कुल में आधा अंक छोड़ दिया जाता है, यानी साढ़े 27 को 27 पढ़ा जाता है। मानक पंचांग यही सीमाएं छापते हैं, और कैलकुलेटर बताता है कि आपके अंक किस सीमा में हैं और क्यों।
अंक बातचीत की शुरुआत हैं, फ़ैसला नहीं। परिवार पूरी कुंडली, मांगलिक दोष और वह सब भी देखते हैं जो गुण मिलान नहीं मापता।
मांगलिक दोष अलग से क्यों देखा जाता है?
मांगलिक दोष 36 अंकों में नहीं आता। यह हर व्यक्ति की अपनी कुंडली से देखा जाता है: लग्न से पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में मंगल। जिन कुंडलियों में यह होता है, उनमें से कई में कोई योग इसे काट भी देता है, इसलिए नतीजे में दोनों बातें दिखती हैं। रिवाज़ है कि मांगलिक की शादी मांगलिक से हो, इसलिए कैलकुलेटर दोनों को मिलाकर बताता है। एक व्यक्ति के लिए हर नियम मांगलिक दोष कैलकुलेटर में समझाया गया है।
इस कैलकुलेटर की जांच कैसे हुई?
चालू करने से पहले इसके अंक एक मानक पंचांग के कुंडली मिलान से 729 जोड़ों पर मिलाए गए, 27 नक्षत्रों की हर जोड़ी के लिए एक, और एक ही नक्षत्र वाले जोड़े अलग से, और इसका मांगलिक दोष 282 कुंडलियों पर। हर कूट, हर कुल अंक और हर फल मेल खाया। ग्रहों की स्थिति उसी गणना से आती है जिससे इस साइट के पंचांग के समय निकलते हैं, और वह स्विस एफ़ेमेरिस से जांची गई है; पूरा तरीका गणना पद्धति पेज पर है।
आठ कूट और उनके अंक
| कूट | क्या देखता है | अधिकतम अंक |
|---|---|---|
| वर्ण | स्वभाव और काम | 1 |
| वश्य | आपसी खिंचाव | 2 |
| तारा | भाग्य | 3 |
| योनि | शारीरिक मेल | 4 |
| ग्रह मैत्री | राशि स्वामियों की दोस्ती | 5 |
| गण | प्रकृति | 6 |
| भकूट | परिवार की खुशहाली और संतान | 7 |
| नाड़ी | सेहत और संतान | 8 |
| कुल | 36 |
गुण मिलान: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शादी के लिए कितने गुण मिलने चाहिए?
36 में से 18 या ज़्यादा को आम तौर पर न्यूनतम माना जाता है, और 21 या ज़्यादा को अच्छा मिलान। पर अंक ही सब कुछ नहीं: नाड़ी दोष हो तो 28 अंक पर भी सलाह नहीं दी जाती, और भकूट दोष हर सीमा को नीचे कर देता है। कैलकुलेटर दोनों नियम लगाकर फल और उसकी वजह बताता है।
क्या सिर्फ़ नाम से गुण मिलान हो सकता है?
जब जन्म समय पता न हो, तो कई परिवार नाम के पहले अक्षर से, यानी नाम राशि से मिलान करते हैं। यह कामचलाऊ तरीका है और मोटा भी: नाम जिस नक्षत्र की ओर इशारा करे, ज़रूरी नहीं कि जन्म के समय चंद्रमा उसी में हो। यह कैलकुलेटर सिर्फ़ जन्म विवरण से मिलान करता है; नाम से राशि देखने के लिए नाम से राशि टूल है।
लड़के का विवरण ज़्यादा ज़रूरी है या लड़की का?
दोनों चाहिए, और दोनों को आपस में बदला नहीं जा सकता। वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री और गण में अंक इस पर निर्भर करते हैं कि कौन लड़का है और कौन लड़की: राक्षस गण का लड़का और देव गण की लड़की हों तो 1 अंक, उल्टा हो तो 0। इसलिए लड़के का विवरण लड़के वाले हिस्से में ही भरें।
अगर दोनों का नक्षत्र एक ही हो तो?
तब नाड़ी भी एक होगी, जो आम तौर पर नाड़ी दोष है। दोष नहीं लगता अगर वह नक्षत्र दो राशियों में फैला है और आप दोनों का चंद्रमा अलग राशियों में है, या दोनों चंद्रमा कम से कम एक चरण (3 अंश 20 कला) दूर हैं। इससे पास हों तो नाड़ी और भकूट दोनों में 0 अंक आते हैं और मिलान की सलाह नहीं दी जाती। दूरी 3 अंश 20 कला से एक कला के भीतर हो, तो कैलकुलेटर बताता है कि पक्का कहना मुश्किल है।
हमारा जन्म समय अंदाज़े से है, क्या फ़र्क पड़ेगा?
फ़र्क तब पड़ता है जब चंद्रमा किसी नक्षत्र या राशि के छोर के पास हो, या लग्न किसी राशि के छोर पर हो। कैलकुलेटर दोनों के लिए गिनता है कि सबसे पास का छोर कितने मिनट दूर है, और 30 मिनट से कम हो तो चेतावनी देता है, ताकि पता रहे कि कौन सा उत्तर बदल सकता है।
क्या हमारी जानकारी कहीं रखी जाती है?
नहीं। पूरी गणना आपके ब्राउज़र में होती है। हमारे सर्वर पर सिर्फ़ आपके चुने दो जन्म स्थानों के नाम जाते हैं, ताकि उनका अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र मिल सके। नाम, तारीख़ और समय आपके फ़ोन पर ही रहते हैं और पेज बंद करते ही मिट जाते हैं।


