ज्योतिष टूल
उन सवालों के लिए चार कैलकुलेटर जो परिवार सबसे ज़्यादा पूछते हैं: जन्म विवरण से आपकी राशि, नाम से राशि, शादी के लिए गुण मिलान, और मांगलिक दोष। हर टूल ठीक वही पूछता है जो सही उत्तर के लिए चाहिए, आपके ब्राउज़र में चलता है, और चालू होने से पहले मानक पंचांग से जांचा गया।
राशि कैलकुलेटरजन्म तिथि, समय और स्थान से आपकी चंद्र राशि, नक्षत्र, चरण और लग्न।टूल खोलें →
नाम से राशिनामकरण के 108 अक्षरों वाले पारंपरिक चक्र से नाम की राशि।टूल खोलें →
गुण मिलान36 में से कुंडली मिलान, दोनों के नाड़ी, भकूट और मांगलिक दोष के साथ।टूल खोलें →
मांगलिक दोष कैलकुलेटरआप मांगलिक हैं या नहीं, दोष कितना है, और उसे क्या काटता है।टूल खोलें →
मुझे कौन सा टूल चाहिए?
अगर आपको जन्म तिथि, समय और स्थान पता है, तो राशि कैलकुलेटर से शुरू करें: यह जन्म राशि, नक्षत्र, चरण और लग्न बताता है। अगर सिर्फ़ नाम है, तो नाम से राशि उसे नामकरण के पारंपरिक चक्र से पढ़ता है। शादी के लिए गुण मिलान 36 में से अंक देता है और दोनों का मांगलिक दोष भी देखता है; एक व्यक्ति के लिए मांगलिक दोष कैलकुलेटर हर नियम समझाता है।
ये कितने सटीक हैं?
ग्रहों की स्थिति उसी गणना से आती है जिससे इस साइट के पंचांग के समय निकलते हैं, और वह स्विस एफ़ेमेरिस से कुछ विकला के भीतर जांची गई है। गुण मिलान की तालिकाएं, मांगलिक दोष के नियम और नामकरण का चक्र, तीनों चालू होने से पहले एक मानक पंचांग से एक एक करके मिलाए गए: 729 जोड़े, 282 कुंडलियां और सभी 108 अक्षर। जहां जन्म समय किसी राशि या नक्षत्र के छोर से आधे घंटे के भीतर हो, वहां टूल यह साफ़ बताते हैं।
टूल: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या ये टूल मुफ़्त हैं?
हां, चारों, बिना किसी साइन अप के। साइट का खर्च विज्ञापनों से चलता है। आपकी भरी कोई जानकारी रखी नहीं जाती: गणना आपके ब्राउज़र में होती है, और सिर्फ़ चुने गए जन्म स्थान का नाम हमारे सर्वर पर जाता है ताकि उसका अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र मिल सके।
ये टूल कौन सा अयनांश लेते हैं?
लाहिरी (चित्रापक्ष), जिसे 1956 में पंचांग सुधार समिति ने तय किया और जिसे लगभग हर भारतीय पंचांग मानता है। चारों टूल में यही है, इसलिए राशि कैलकुलेटर जो राशि देता है, गुण मिलान उसी से मिलाता है।
टूल को मेरा जन्म स्थान क्यों चाहिए?
जन्म स्थान से आपकी जन्म तिथि पर लागू समय क्षेत्र तय होता है, जिसमें 1942 से 1945 का भारत का युद्धकालीन समय जैसे पुराने नियम भी शामिल हैं, और वह क्षितिज भी जिस पर लग्न उदय होता है। दुनिया में कहीं का भी जन्म चलेगा: सूची में 11,800 जगहें हैं, जिनमें 6,400 भारत की हैं।