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राशि कैलकुलेटर: जन्म से अपनी चंद्र राशि जानें

आपकी राशि वह राशि है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था। अपना नाम, जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान भरें। कैलकुलेटर राशि के साथ नक्षत्र, चरण और लग्न बताता है, और यह भी दिखाता है कि हर उत्तर कितने बजे से कितने बजे तक रहा।

जैसा जन्म प्रमाण पत्र में लिखा है, जन्म स्थान की घड़ी के हिसाब से।

सूची से सबसे पास का कस्बा चुनें: 11,800 जगहें, जिनमें 6,400 भारत की हैं।

राशि क्या होती है?

राशिचक्र के बारह हिस्से हैं, हर एक 30 अंश का, और इनकी गिनती स्थिर तारों से होती है। जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था, वही आपकी जन्म राशि या चंद्र राशि है। अख़बार का राशिफल इसी राशि से पढ़ा जाता है, और नामकरण, कुंडली या गुण मिलान में पंडित जी सबसे पहले यही देखते हैं।

पश्चिमी वेबसाइटें जिसे स्टार साइन कहती हैं, वह अलग चीज़ है। वह सूर्य की राशि है, और उसकी गिनती तारों से नहीं, वसंत विषुव से होती है, इसलिए वह आज लगभग 24 अंश आगे चलती है। 1 मई को जन्मा व्यक्ति पश्चिमी गिनती में टॉरस होगा, निरयन सूर्य से मेष, और चंद्रमा के हिसाब से बारह में से कोई भी राशि हो सकती है। कैलकुलेटर निरयन सूर्य राशि भी दिखाता है, ताकि यह फ़र्क सामने रहे।

जन्म समय और जन्म स्थान क्यों ज़रूरी हैं?

क्योंकि चंद्रमा तेज़ चलता है। वह एक दिन में लगभग 13 अंश आगे बढ़ता है और करीब सवा दो दिन में राशि बदल लेता है। हमने 1960 से 2025 तक का हर दिन गिना: 43.9% दिनों में चंद्रमा ने दिन के किसी न किसी पहर राशि बदली। यानी लगभग आधे जन्मदिनों में सिर्फ़ तारीख़ से राशि तय नहीं हो सकती।

जन्म स्थान दो कारणों से चाहिए। उससे उस दिन का समय क्षेत्र और घड़ी का नियम तय होता है, जैसे 1942 से 1945 तक भारत का युद्धकालीन समय, जब घड़ियां एक घंटा आगे चलती थीं, या विदेश का समर टाइम। दूसरा, लग्न उसी जगह के पूर्वी क्षितिज पर उदय होती राशि है। लग्न लगभग हर दो घंटे में बदल जाता है, इसलिए उसके लिए सही समय और भी ज़रूरी है।

राशि की गणना कैसे होती है?

कैलकुलेटर जन्म स्थान के समय क्षेत्र के इतिहास से आपके जन्म समय को अंतरराष्ट्रीय समय में बदलता है, फिर देखता है कि उस पल चंद्रमा तारों के बीच कहां था। इसमें से लाहिरी अयनांश घटाया जाता है, जिसे 1956 में भारत की पंचांग सुधार समिति ने तय किया था और जिसे लगभग हर भारतीय पंचांग मानता है। चंद्रमा के निरयन भोगांश को 30 अंश से भाग देने पर राशि मिलती है, 13 अंश 20 कला से नक्षत्र, और 3 अंश 20 कला से चरण।

इस साइट के पंचांग के समय भी इसी गणना से निकलते हैं। चंद्रमा और लग्न की स्थिति को 1930 से 2040 तक के 400 जन्मों पर स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाया गया, जो ज्योतिष सॉफ़्टवेयर की मानक खगोलीय लाइब्रेरी है: फ़र्क 9 विकला से कम रहा, जबकि एक चरण 12,000 विकला चौड़ा होता है। अयनांश एक प्रकाशित पंचांग के मानों से 18 विकला के भीतर मिलता है। जांच का पूरा तरीका गणना पद्धति पेज पर है।

अगर जन्म समय पक्का न हो तो?

हर उत्तर के नीचे लिखे समय देखें। अगर आपका जन्म समय उस अवधि के बीच में है, तो पंद्रह मिनट ऊपर नीचे होने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता। अगर वह किसी छोर से 30 मिनट के भीतर है, तो कैलकुलेटर यह साफ़ लिखता है और बताता है कि दूसरी तरफ़ क्या उत्तर होता। ऐसे में अस्पताल में लिखा समय देखें, या घर के बड़ों से पूछें कि नामकरण के समय पंडित जी ने कौन सी राशि बताई थी।

नक्षत्र और चरण, राशि से ज़्यादा नाज़ुक हैं। एक चरण लगभग छह घंटे का होता है, इसलिए छोर के पास का जन्म चरण बदल सकता है, और उसके साथ नाम का पहला अक्षर भी, भले ही राशि वही रहे।

किस राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

हर राशि में ठीक नौ चरण होते हैं, यानी सवा दो नक्षत्र। नीचे की तालिका में हर राशि के नक्षत्र चरण और उसका स्वामी ग्रह दिया है। अगर आपको अपना नक्षत्र और चरण पता है, तो इससे बिना गणना के राशि मिल जाती है।

राशिस्वामीनक्षत्र चरण
मेषमंगलअश्विनी 1–4, भरणी 1–4, कृत्तिका 1
वृषभशुक्रकृत्तिका 2–4, रोहिणी 1–4, मृगशिरा 1–2
मिथुनबुधमृगशिरा 3–4, आर्द्रा 1–4, पुनर्वसु 1–3
कर्कचंद्रमापुनर्वसु 4, पुष्य 1–4, आश्लेषा 1–4
सिंहसूर्यमघा 1–4, पूर्वाफाल्गुनी 1–4, उत्तराफाल्गुनी 1
कन्याबुधउत्तराफाल्गुनी 2–4, हस्त 1–4, चित्रा 1–2
तुलाशुक्रचित्रा 3–4, स्वाति 1–4, विशाखा 1–3
वृश्चिकमंगलविशाखा 4, अनुराधा 1–4, ज्येष्ठा 1–4
धनुगुरुमूल 1–4, पूर्वाषाढ़ा 1–4, उत्तराषाढ़ा 1
मकरशनिउत्तराषाढ़ा 2–4, श्रवण 1–4, धनिष्ठा 1–2
कुंभशनिधनिष्ठा 3–4, शतभिषा 1–4, पूर्वभाद्रपद 1–3
मीनगुरुपूर्वभाद्रपद 4, उत्तरभाद्रपद 1–4, रेवती 1–4

राशि: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या राशि और चंद्र राशि एक ही हैं?

हां। राशि, जन्म राशि, चंद्र राशि और मून साइन, चारों का मतलब वही राशि है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था। भारतीय ज्योतिष में सूर्य राशि से पहले यही देखी जाती है, क्योंकि चंद्रमा मन का कारक है, और नाम, दैनिक राशिफल और गुण मिलान इसी से होते हैं।

मेरी राशि पश्चिमी स्टार साइन से अलग क्यों है?

पश्चिमी ज्योतिष सूर्य की राशि लेता है और उसकी गिनती वसंत विषुव से करता है। भारतीय ज्योतिष चंद्रमा की राशि लेता है और गिनती तारों से करता है, जो आज पश्चिमी गिनती से लगभग 24 अंश पीछे है। ग्रह भी अलग और गिनती का आरंभ भी अलग, इसलिए दोनों राशियां कम ही मिलती हैं।

यह कैलकुलेटर कौन सा अयनांश लेता है?

लाहिरी, जिसे चित्रापक्ष भी कहते हैं: 1956 के आधार वर्ष पर 23 अंश 15 कला, जिसे पंचांग सुधार समिति ने तय किया, और वहां से अयन गति के हिसाब से आगे पीछे। लगभग हर भारतीय पंचांग यही मानता है। रमन या कृष्णमूर्ति जैसे दूसरे अयनांश स्थिति को एक अंश तक खिसका सकते हैं, जिससे छोर के पास की राशि बदल सकती है।

लग्न क्या है और वह क्यों दिखाया गया है?

लग्न वह राशि है जो जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदय हो रही थी। यह कुंडली का पहला भाव है, बाकी सारे भाव इसी से गिने जाते हैं, और मांगलिक दोष भी इसी से देखा जाता है। लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है, इसलिए कुंडली के लिए सही जन्म समय राशि से भी ज़्यादा ज़रूरी है।

क्या मेरी जन्म की जानकारी कहीं भेजी या रखी जाती है?

नहीं। पूरी गणना आपके ब्राउज़र में होती है। आपका फ़ोन हमारे सर्वर से सिर्फ़ उस जगह का अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र मांगता है जो आप सूची से चुनते हैं। आपका नाम, जन्म तिथि और जन्म समय कहीं नहीं जाते, और पेज बंद करते ही कुछ भी बचा नहीं रहता।

क्या नाम से भी राशि निकल सकती है?

नाम से जो मिलती है वह नाम राशि है, जो नाम के पहले अक्षर से अवकहड़ा चक्र के हिसाब से पढ़ी जाती है। कई परिवार नाम का अक्षर जन्म नक्षत्र से ही चुनते थे, इसलिए दोनों मिल सकती हैं, पर कुंडली में जन्म समय वाली जन्म राशि ही ली जाती है।

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