पंचांग में दिन सूर्योदय (सुबह 5:56) पर बदलता है, इसलिए तब तक यह पेज मंगलवार, 3 नवंबर का ही है।
रांची में आज का दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्तम · दुर्मुहूर्त समय
सूर्योदय सुबह 5:55सूर्यास्त शाम 5:09सूर्यास्त शाम 5:09सूर्योदय सुबह 5:56
दुर्मुहूर्त
रांची · आज एक दुर्मुहूर्त, शुभ काम टालें
सुबह 8:10 – सुबह 8:55
राहु काल
दोपहर 2:21 – दोपहर 3:45दोपहर 2:21 – 3:45
नया काम टालेंअभी चल रहा हैआज बीत गया
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:10 – सुबह 11:55सुबह 11:10 – 11:55
शुभ काम के लिएअभी चल रहा हैआज बीत गया
ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:13 – सुबह 5:05सुबह 4:13 – 5:05
सूर्योदय से पहलेअभी चल रहा हैआज बीत गया
तिथि
कृष्ण पक्ष नवमी
नक्षत्र: मघा
दुर्मुहूर्त की तालिका पर अलग-अलग इलाकों की परंपराएं राहु काल से ज्यादा अलग हैं, और कई जगह छपी तालिकाएं सोमवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को दूसरा दुर्मुहूर्त भी देती हैं। जिस संदर्भ पंचांग से यह साइट मिलाई जाती है, वह इनमें से कोई दूसरा समय नहीं देता (हर वार को एक ही, उसकी दस साल की छपी तालिकाओं से जांचा हुआ), और हम उसी को मानते हैं। अगर आपके घर के पंचांग में दूसरा दुर्मुहूर्त लिखा है, तो आप यही मतभेद देख रहे हैं, गणित की गलती नहीं।
रांची में इस सप्ताह दुर्मुहूर्त
दिन के हिसाब से दुर्मुहूर्त का समय बदलता है। आज का दिन नीचे दिखाया गया है:
रांची में दुर्मुहूर्त को लेकर लोग और क्या पूछते हैं?
रांची में आज दुर्मुहूर्त का समय क्या है?
रांची में आज मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को दुर्मुहूर्त सुबह 8:10 – सुबह 8:55 रहेगा। हर मुहूर्त लगभग 45 मिनट का है। यह केवल नया काम शुरू करने के लिए वर्जित है, पहले से चल रहे काम में कोई रुकावट नहीं होती।
रांची में आज कितने दुर्मुहूर्त हैं?
एक। यह साइट जिस हिसाब को मानती है, उसमें हर वार को ठीक एक दुर्मुहूर्त होता है, और मंगलवार को यह दिन के पंद्रह मुहूर्तों में चौथा है। कुछ छपी तालिकाएं सोमवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को दूसरा दुर्मुहूर्त भी देती हैं; यह परंपराओं का फर्क है, गणित का नहीं। घड़ी का समय रांची के अपने सूर्योदय से निकाला गया है।
रांची में आज एक मुहूर्त कितने समय का है?
रांची में आज एक मुहूर्त 45 मिनट का है। दिन के समय को 15 बराबर हिस्सों में बांटा जाता है, इसलिए इसका समय मौसम के हिसाब से बदलता है।
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रांची में आज के बाकी समय
- चौघड़ियासूर्योदय, सुबह 5:55 सेदिन और रात के आठ-आठ भाग, जिनसे शुभ और अशुभ समय देखा जाता है।
- यमगंड कालवर्जितसुबह 8:44 – सुबह 10:08दिन का दूसरा अशुभ समय, जिसमें नए काम और यात्रा से बचा जाता है।
- गुलिक कालसुबह 11:32 – दोपहर 12:56दिन का वह समय, जिसमें किए गए काम के दोहराए जाने की मान्यता है।
- होरासूर्योदय, सुबह 5:55 सेदिन और रात की 24 होरा, जिनमें हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।