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भाई दूज 2026

भाई दूज 2026: आपके शहर में तिलक का शुभ मुहूर्त

भाई दूज 2026 बुधवार, 11 नवंबर को है। परंपरा में तिलक अपराह्न काल में किया जाता है, यानी दोपहर बाद का समय, जो नई दिल्ली में 1:09 से 3:19 बजे तक है। एक बात ज्यादातर कैलेंडर नहीं बताते: बुधवार का राहुकाल दिल्ली में दोपहर 1:26 बजे खत्म होता है, यानी तिलक के समय के पहले 17 मिनट राहुकाल में पड़ते हैं। राहुकाल खत्म होने के बाद तिलक शुरू करें, तो दोनों बातें सध जाती हैं। नीचे 30 शहरों की तालिका है।

भाई दूज द्वितीया तिथि का पर्व है। 2026 में द्वितीया 10 नवंबर की दोपहर 2:00 बजे लगेगी और 11 नवंबर की दोपहर 3:53 बजे तक रहेगी, इसलिए तालिका के हर शहर में तिलक का पूरा समय द्वितीया में ही है। इसी दिन यम द्वितीया और चित्रगुप्त पूजा भी है, जो कायस्थ परिवारों में कलम-दवात की पूजा के रूप में मनाई जाती है।

भाई दूज 2026 पर तिलक का सबसे अच्छा समय क्या है?

पंचांग भाई दूज के लिए दोपहर का एक मुहूर्त देते हैं, जिसे अपराह्न काल कहते हैं। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को पांच बराबर हिस्सों में बांटा जाता है, और चौथा हिस्सा अपराह्न होता है। यह दिन यमुना जी के अपने भाई यमराज को घर बुलाकर भोजन कराने और माथे पर तिलक लगाने की कथा से जुड़ा है, और बहनें आज भी वही करती हैं।

भाई दूज पर भाई के माथे पर तिलक लगाती बहन
भाई के माथे पर तिलक लगाती बहन (पश्चिम बंगाल में भाई फोंटा)। फोटो: Sumita Roy Dutta, विकिमीडिया कॉमन्स, CC BY-SA 4.0, क्रॉप किया गया।

यह दिन का एक हिस्सा है, इसलिए आपके शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ खिसकता है। कोलकाता में यह दोपहर 12:27 बजे शुरू होता है और राजकोट में 1:37 बजे।

बुधवार का राहुकाल दिन के आठ हिस्सों में से पांचवां होता है। यह हर शहर में अपराह्न शुरू होने के करीब 16 मिनट बाद खत्म होता है। इसलिए काम की बात तालिका का “राहुकाल खत्म” वाला कॉलम है: उसके बाद तिलक शुरू करें और अपराह्न खत्म होने से पहले पूरा कर लें।

शहर तिलक का समय (अपराह्न) राहुकाल खत्म सुबह लाभ और अमृत
नई दिल्ली दोपहर 1:09–3:19 दोपहर 1:26 सुबह 6:40–9:22
मुंबई दोपहर 1:30–3:45 दोपहर 1:47 सुबह 6:43–9:32
कोलकाता दोपहर 12:27–2:40 दोपहर 12:43 सुबह 5:46–8:33
बेंगलुरु दोपहर 1:12–3:31 दोपहर 1:30 सुबह 6:16–9:10
पटना दोपहर 12:39–2:50 दोपहर 12:55 सुबह 6:03–8:48
लखनऊ दोपहर 12:55–3:06 दोपहर 1:12 सुबह 6:22–9:06
जयपुर दोपहर 1:16–3:27 दोपहर 1:32 सुबह 6:43–9:27
अहमदाबाद दोपहर 1:30–3:43 दोपहर 1:46 सुबह 6:50–9:36
बाकी 22 शहरों का समय देखें
शहर तिलक का समय (अपराह्न) राहुकाल खत्म सुबह लाभ और अमृत
सूरत दोपहर 1:29–3:44 दोपहर 1:46 सुबह 6:46–9:34
राजकोट दोपहर 1:37–3:51 दोपहर 1:54 सुबह 6:56–9:43
वडोदरा दोपहर 1:27–3:41 दोपहर 1:44 सुबह 6:46–9:33
जोधपुर दोपहर 1:27–3:38 दोपहर 1:43 सुबह 6:53–9:37
हैदराबाद दोपहर 1:08–3:24 दोपहर 1:25 सुबह 6:18–9:09
चेन्नई दोपहर 1:02–3:20 दोपहर 1:19 सुबह 6:05–8:59
पुणे दोपहर 1:26–3:42 दोपहर 1:43 सुबह 6:38–9:28
कानपुर दोपहर 12:58–3:09 दोपहर 1:14 सुबह 6:24–9:08
नागपुर दोपहर 1:04–3:19 दोपहर 1:21 सुबह 6:21–9:09
इंदौर दोपहर 1:17–3:30 दोपहर 1:33 सुबह 6:36–9:23
भोपाल दोपहर 1:10–3:23 दोपहर 1:27 सुबह 6:31–9:17
वाराणसी दोपहर 12:47–2:59 दोपहर 1:04 सुबह 6:12–8:56
चंडीगढ़ दोपहर 1:10–3:19 दोपहर 1:26 सुबह 6:45–9:26
जालंधर दोपहर 1:15–3:23 दोपहर 1:31 सुबह 6:51–9:31
कटिहार दोपहर 12:29–2:41 दोपहर 12:45 सुबह 5:54–8:38
लुधियाना दोपहर 1:14–3:22 दोपहर 1:30 सुबह 6:49–9:30
अमृतसर दोपहर 1:18–3:26 दोपहर 1:34 सुबह 6:54–9:34
आगरा दोपहर 1:07–3:17 दोपहर 1:23 सुबह 6:34–9:18
रांची दोपहर 12:39–2:52 दोपहर 12:55 सुबह 5:59–8:46
उदयपुर दोपहर 1:25–3:37 दोपहर 1:41 सुबह 6:48–9:33
भावनगर दोपहर 1:32–3:46 दोपहर 1:49 सुबह 6:50–9:37
कोयंबटूर दोपहर 1:15–3:35 दोपहर 1:33 सुबह 6:16–9:11

भाई दूज की कथा क्या है और तिलक कैसे करते हैं?

कथा है कि यमुना जी अपने भाई यमराज को बार-बार घर बुलाती थीं, पर यमराज काम में फंसे रहते थे। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को वे बहन के घर पहुंचे। यमुना ने उनका स्वागत किया, माथे पर तिलक लगाया और भोजन कराया। खुश होकर यमराज ने वर दिया कि इस दिन जो भाई बहन के घर जाकर तिलक लगवाएगा और उसके हाथ का खाना खाएगा, उसे अकाल मृत्यु का डर नहीं रहेगा। इसीलिए इस दिन को यम द्वितीया भी कहते हैं।

तिलक की थाली में आम तौर पर रोली, अक्षत, घी का दीया, मिठाई और कहीं-कहीं सूखा नारियल (गोला) रहता है। बहन भाई को पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठाती है, माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाती है, आरती उतारती है और मिठाई खिलाती है। भाई बहन को उपहार देता है, और जहां हो सके, भाई बहन के घर जाकर भोजन करता है। बिहार और पूर्वी यूपी में इसी सुबह बहनें गोधन कूटने की रस्म भी करती हैं, जिसके बाद भाई को तिलक लगता है।

क्या तिलक सुबह कर सकते हैं?

हां, और बहुत से घरों में यही होता है, क्योंकि भाई को दफ्तर जाना होता है या ट्रेन पकड़नी होती है। अगर आपके घर में समय अपराह्न से नहीं बल्कि चौघड़िया से देखा जाता है, तो सुबह ही बेहतर है: बुधवार का दिन लाभ और फिर अमृत चौघड़िया से शुरू होता है, दोनों शुभ, सूर्योदय से लगातार (नई दिल्ली में सुबह 6:40 से 9:22 तक)। तालिका का आखिरी कॉलम हर शहर का यही समय है।

घर पर पूजा की थाली और गेंदे के फूलों के बीच भाई के माथे पर तिलक लगाती मुस्कुराती बहन, साथ में Happy Bhai Dooj लिखा है
घर पर भाई को तिलक लगाती बहन। यह चित्र AI से बनाया गया है, फोटो नहीं।

चौघड़िया के हिसाब से दोपहर कमजोर है। बुधवार को अपराह्न का समय रोग, उद्वेग और फिर चर चौघड़िया में पड़ता है, यानी तीन शुभ चौघड़िया में से कोई नहीं। अगर आपके घर में अपराह्न माना जाता है, तो इसकी वजह से दोपहर छोड़ने की जरूरत नहीं है। बस एक तरीका चुनें और उसी पर चलें, दोनों को मिलाएं नहीं।

भाई दूसरे शहर में रहता है तो क्या करें?

हर कोई अपने शहर की घड़ी देखता है। पटना में रहने वाली बहन और पुणे में रहने वाला भाई अगर वीडियो कॉल पर तिलक करें, तो दोनों का समय अलग है: पटना में दोपहर 12:39 से 2:50 तक और पुणे में 1:26 से 3:42 तक। ऐसा समय चुनें जो दोनों में आता हो, या तिलक लगाने वाली बहन के शहर का समय मान लें।

किसी और दिन भाई दूज मनाते हैं, तो अपने शहर का आज का राहुकाल पेज उस दिन का राहुकाल बता देगा।

कुछ कैलेंडर में भाई दूज की तारीख अलग क्यों दिखती है?

जब द्वितीया तिथि एक दिन की दोपहर लगकर अगले दिन की दोपहर खत्म हो, तो पंचांग वह दिन चुनते हैं जिसके अपराह्न में द्वितीया हो। 2026 में यह बिना किसी शक के 11 नवंबर है, क्योंकि उस पूरी दोपहर द्वितीया रहती है। महाराष्ट्र की भाऊबीज भी इस साल इसी दिन है। नेपाल का भाई टीका नेपाली पंचांग से चलता है, उसे अलग से देख लें।

दिवाली का पूरा हफ्ता: धनतेरस 6 नवंबर, लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर और गोवर्धन पूजा 10 नवंबर। पहले दो दिनों के शहर-वार समय हमारे लेख धनतेरस और दिवाली 2026 का चौघड़िया में हैं।

हर शहर का समय 20 अक्टूबर 2026 को उसके अक्षांश-देशांतर से निकाला गया। तारीखें नई दिल्ली के पंचांग की हैं; गणना का तरीका यहां देखें।

यह लेख बताता है कि पंचांग की परंपरा किसी समय के बारे में क्या कहती है; यह किसी की निजी सलाह नहीं है। ऊपर के पेजों पर समय आपके चुने हुए शहर के हिसाब से निकलता है।

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