दिवाली 2026
धनतेरस और दिवाली 2026 का चौघड़िया: आपके शहर का समय
चौघड़िया नाउ · 20 अक्टूबर 2026 को छपा · 12 मिनट में पढ़ें
धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को है और दिवाली की लक्ष्मी पूजा रविवार, 8 नवंबर को। धनतेरस पर सोना खरीदने के लिए सबसे अच्छे चौघड़िया लाभ और अमृत हैं, जो सुबह एक के बाद एक चलते हैं (नई दिल्ली में लगभग 7:58 से 10:42 बजे तक)। इसके बाद दोपहर में शुभ का चौघड़िया आता है। दिवाली की शाम सूर्यास्त के ठीक बाद शुभ, अमृत और चर तीनों लगातार चलते हैं, यानी करीब पांच घंटे बिना किसी अशुभ चौघड़िया के (नई दिल्ली में शाम 5:31 से रात 10:26 तक)। घड़ी का समय हर शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलता है, इसलिए नीचे 30 शहरों की तालिका दी गई है।
इस पेज का हर समय उसी गणना से निकला है जिससे हमारे आज का चौघड़िया पेज बनते हैं। तालिका में शहर के नाम पर टैप करें तो उस दिन की पूरी दिन और रात की तालिका खुल जाएगी।
धनतेरस 2026 पर सबसे शुभ चौघड़िया कौन सा है?
इस बार धनतेरस शुक्रवार को पड़ रहा है। शुक्रवार के दिन के चौघड़िया इस क्रम में चलते हैं: चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर। इसका मतलब है कि खरीदारी के दो सबसे अच्छे समय, लाभ और अमृत, सुबह साथ-साथ पड़ रहे हैं, कुल मिलाकर लगभग तीन घंटे। काल के बाद दोपहर में शुभ आता है। जो लोग दफ्तर के बाद ही बाजार जा पाते हैं, उनके लिए रात का तीसरा चौघड़िया लाभ है, जो सूर्यास्त के करीब तीन घंटे बाद शुरू होता है।
सोने के लिए परंपरा शुभ या अमृत को पहले रखती है, क्योंकि सोना रखने के लिए खरीदा जाता है। लाभ का नाम ही फायदे से जुड़ा है, इसलिए वह भी ठीक है। तीनों में से कोई भी चुनें, गलत नहीं होगा। इसकी पूरी वजह हमारे लेख सोना, गाड़ी या नया काम: कौन सा चौघड़िया शुभ में है।

| शहर | लाभ और अमृत (सुबह) | शुभ (दोपहर) | लाभ (रात) |
|---|---|---|---|
| नई दिल्ली | सुबह 7:58–10:42 | दोपहर 12:04–1:26 | रात 8:48–10:26 |
| मुंबई | सुबह 8:06–10:56 | दोपहर 12:21–1:47 | रात 9:12–10:47 |
| कोलकाता | सुबह 7:07–9:55 | सुबह 11:20 से दोपहर 12:44 | रात 8:08–9:44 |
| बेंगलुरु | सुबह 7:41–10:36 | दोपहर 12:03–1:30 | रात 8:57–10:30 |
| पटना | सुबह 7:23–10:09 | सुबह 11:32 से दोपहर 12:56 | रात 8:19–9:56 |
| लखनऊ | सुबह 7:41–10:27 | सुबह 11:49 से दोपहर 1:12 | रात 8:35–10:12 |
| जयपुर | सुबह 8:02–10:47 | दोपहर 12:10–1:32 | रात 8:55–10:33 |
| अहमदाबाद | सुबह 8:11–10:59 | दोपहर 12:23–1:47 | रात 9:11–10:47 |
बाकी 22 शहरों का समय देखें
| शहर | लाभ और अमृत (सुबह) | शुभ (दोपहर) | लाभ (रात) |
|---|---|---|---|
| सूरत | सुबह 8:08–10:57 | दोपहर 12:22–1:46 | रात 9:11–10:46 |
| राजकोट | सुबह 8:17–11:06 | दोपहर 12:30–1:54 | रात 9:18–10:54 |
| वडोदरा | सुबह 8:08–10:56 | दोपहर 12:20–1:44 | रात 9:09–10:45 |
| जोधपुर | सुबह 8:12–10:58 | दोपहर 12:21–1:44 | रात 9:07–10:44 |
| हैदराबाद | सुबह 7:42–10:33 | सुबह 11:59 से दोपहर 1:25 | रात 8:51–10:25 |
| चेन्नई | सुबह 7:31–10:25 | सुबह 11:52 से दोपहर 1:19 | रात 8:46–10:19 |
| पुणे | सुबह 8:01–10:52 | दोपहर 12:18–1:43 | रात 9:09–10:43 |
| कानपुर | सुबह 7:43–10:29 | सुबह 11:52 से दोपहर 1:14 | रात 8:37–10:15 |
| नागपुर | सुबह 7:43–10:32 | सुबह 11:57 से दोपहर 1:21 | रात 8:46–10:21 |
| इंदौर | सुबह 7:57–10:46 | दोपहर 12:10–1:34 | रात 8:58–10:34 |
| भोपाल | सुबह 7:52–10:39 | दोपहर 12:03–1:27 | रात 8:51–10:27 |
| वाराणसी | सुबह 7:31–10:18 | सुबह 11:41 से दोपहर 1:04 | रात 8:27–10:04 |
| चंडीगढ़ | सुबह 8:02–10:45 | दोपहर 12:06–1:27 | रात 8:48–10:27 |
| जालंधर | सुबह 8:08–10:50 | दोपहर 12:11–1:32 | रात 8:53–10:32 |
| कटिहार | सुबह 7:13–10:00 | सुबह 11:23 से दोपहर 12:46 | रात 8:09–9:46 |
| लुधियाना | सुबह 8:06–10:48 | दोपहर 12:10–1:31 | रात 8:52–10:31 |
| अमृतसर | सुबह 8:11–10:53 | दोपहर 12:13–1:34 | रात 8:55–10:35 |
| आगरा | सुबह 7:53–10:38 | दोपहर 12:01–1:23 | रात 8:46–10:24 |
| रांची | सुबह 7:20–10:08 | सुबह 11:32 से दोपहर 12:56 | रात 8:20–9:56 |
| उदयपुर | सुबह 8:08–10:55 | दोपहर 12:18–1:42 | रात 9:05–10:42 |
| भावनगर | सुबह 8:11–11:00 | दोपहर 12:24–1:49 | रात 9:13–10:49 |
| कोयंबटूर | सुबह 7:42–10:37 | दोपहर 12:05–1:33 | रात 9:01–10:33 |
क्या धनतेरस पर राहुकाल चौघड़िया से टकराता है?
नहीं। शुक्रवार को राहुकाल दिन का चौथा हिस्सा होता है, और 2026 में यह ठीक काल चौघड़िया पर पड़ रहा है: नई दिल्ली में सुबह 10:42 से दोपहर 12:04 तक, अहमदाबाद में 10:59 से 12:23 तक। लाभ और अमृत वहीं खत्म होते हैं जहां राहुकाल शुरू होता है, और शुभ वहीं से शुरू होता है जहां राहुकाल खत्म होता है। यानी कोई टकराव नहीं है, बस आखिरी मिनट तक न रुकें और अमृत खत्म होने से पहले खरीदारी कर लें। अपने शहर का समय आज का राहुकाल पेज पर देख लें।
सूर्यास्त के ठीक बाद का समय अलग है। शुक्रवार की रात रोग और फिर काल से शुरू होती है, जिन्हें किसी नई शुरुआत के लिए टाला जाता है। फिर भी ज्यादातर घरों में यम का दीपक शाम को ही जलाया जाता है, क्योंकि यह परंपरा चौघड़िया से नहीं, प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) से चलती है। शाम की धन्वंतरि पूजा और यम के दीपक की विधि और हर शहर का प्रदोष काल अलग लेख में है। हां, खरीदारी रात के लाभ चौघड़िया तक रुक सकती है।
दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा के लिए कौन सा चौघड़िया शुभ है?
दिवाली रविवार को है, और रविवार की रात के चौघड़िया शुभ, अमृत और चर से शुरू होते हैं। यह संयोग अच्छा है: सूर्यास्त से रात लगभग साढ़े दस बजे तक बीच में न रोग आता है, न काल, न उद्वेग। गुजरात के व्यापारी परिवार चोपड़ा पूजन (नए बही-खातों की पूजा) का समय अक्सर इसी तरह चौघड़िया देखकर तय करते हैं।

सबसे अच्छा समय चाहिए तो सूर्यास्त के बाद का दूसरा चौघड़िया, अमृत, लें। दीये जलाने के साथ ही पूजा शुरू करनी हो तो शुभ ठीक सूर्यास्त से शुरू होता है। तीसरा, चर, ज्यादातर पंचांगों में अच्छा माना जाता है (यह साइट इसे सामान्य दिखाती है), इसलिए देर तक चलने वाली पूजा के लिए यह भी ठीक है।
| शहर | शुभ (सूर्यास्त से) | अमृत | चर |
|---|---|---|---|
| नई दिल्ली | शाम 5:31–7:09 | शाम 7:09 से रात 8:48 | रात 8:48–10:26 |
| मुंबई | शाम 6:02–7:37 | शाम 7:37 से रात 9:12 | रात 9:12–10:47 |
| कोलकाता | शाम 4:55–6:31 | शाम 6:31 से रात 8:07 | रात 8:07–9:44 |
| बेंगलुरु | शाम 5:51–7:24 | शाम 7:24 से रात 8:57 | रात 8:57–10:30 |
| पटना | शाम 5:04–6:41 | शाम 6:41 से रात 8:18 | रात 8:18–9:56 |
| लखनऊ | शाम 5:19–6:56 | शाम 6:56 से रात 8:34 | रात 8:34–10:12 |
| जयपुर | शाम 5:39–7:17 | शाम 7:17 से रात 8:55 | रात 8:55–10:32 |
| अहमदाबाद | शाम 5:57–7:34 | शाम 7:34 से रात 9:10 | रात 9:10–10:47 |
बाकी 22 शहरों का समय देखें
| शहर | शुभ (सूर्यास्त से) | अमृत | चर |
|---|---|---|---|
| सूरत | शाम 5:59–7:35 | शाम 7:35 से रात 9:11 | रात 9:11–10:46 |
| राजकोट | शाम 6:06–7:42 | शाम 7:42 से रात 9:18 | रात 9:18–10:54 |
| वडोदरा | शाम 5:56–7:32 | शाम 7:32 से रात 9:08 | रात 9:08–10:44 |
| जोधपुर | शाम 5:51–7:29 | शाम 7:29 से रात 9:06 | रात 9:06–10:44 |
| हैदराबाद | शाम 5:42–7:16 | शाम 7:16 से रात 8:51 | रात 8:51–10:25 |
| चेन्नई | शाम 5:40–7:13 | शाम 7:13 से रात 8:46 | रात 8:46–10:19 |
| पुणे | शाम 5:58–7:33 | शाम 7:33 से रात 9:08 | रात 9:08–10:43 |
| कानपुर | शाम 5:22–6:59 | शाम 6:59 से रात 8:37 | रात 8:37–10:14 |
| नागपुर | शाम 5:34–7:10 | शाम 7:10 से रात 8:46 | रात 8:46–10:21 |
| इंदौर | शाम 5:45–7:21 | शाम 7:21 से रात 8:57 | रात 8:57–10:34 |
| भोपाल | शाम 5:38–7:14 | शाम 7:14 से रात 8:51 | रात 8:51–10:27 |
| वाराणसी | शाम 5:13–6:50 | शाम 6:50 से रात 8:27 | रात 8:27–10:04 |
| चंडीगढ़ | शाम 5:29–7:08 | शाम 7:08 से रात 8:48 | रात 8:48–10:27 |
| जालंधर | शाम 5:33–7:13 | शाम 7:13 से रात 8:52 | रात 8:52–10:32 |
| कटिहार | शाम 4:54–6:31 | शाम 6:31 से रात 8:09 | रात 8:09–9:46 |
| लुधियाना | शाम 5:33–7:12 | शाम 7:12 से रात 8:51 | रात 8:51–10:31 |
| अमृतसर | शाम 5:35–7:15 | शाम 7:15 से रात 8:55 | रात 8:55–10:34 |
| आगरा | शाम 5:30–7:08 | शाम 7:08 से रात 8:46 | रात 8:46–10:23 |
| रांची | शाम 5:06–6:43 | शाम 6:43 से रात 8:19 | रात 8:19–9:56 |
| उदयपुर | शाम 5:51–7:28 | शाम 7:28 से रात 9:05 | रात 9:05–10:42 |
| भावनगर | शाम 6:01–7:37 | शाम 7:37 से रात 9:13 | रात 9:13–10:49 |
| कोयंबटूर | शाम 5:56–7:28 | शाम 7:28 से रात 9:01 | रात 9:01–10:33 |
दिवाली का दिन भी अच्छा है: रविवार को देर सुबह लाभ और अमृत चलते हैं (नई दिल्ली में सुबह 9:21 से दोपहर 12:04 तक)। दुकान के बही-खाते खोलने या धनतेरस पर छूटी खरीदारी के लिए यह समय काम का है। रविवार का राहुकाल दिन का आखिरी हिस्सा होता है और सूर्यास्त पर खत्म हो जाता है, इसलिए शाम की पूजा पर इसका असर नहीं पड़ता।
घर पर लक्ष्मी पूजा कैसे करें?
पूजा से पहले घर साफ करके मुख्य द्वार पर रंगोली और तोरण लगाया जाता है। पूजा की जगह पर चौकी बिछाकर लाल कपड़ा रखें, उस पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर रखें (गणेश जी लक्ष्मी जी के बाईं ओर), और पास में जल भरा कलश। पूजा में रोली, अक्षत, फूल, कमल का फूल मिल जाए तो वह, खील-बताशे, मिठाई, सिक्के और घी का बड़ा दीया रखा जाता है। व्यापारी परिवार इसी समय नए बही-खाते और कलम भी पूजा में रखते हैं।
पहले गणेश जी की पूजा होती है, फिर लक्ष्मी जी की: जल, रोली, अक्षत, फूल, मिठाई और खील-बताशे चढ़ाकर दीया जलाया जाता है और लक्ष्मी जी की आरती होती है। इसके बाद घर भर में दीये रखे जाते हैं, एक मुख्य द्वार पर और एक तुलसी के पास। शुभ समय ऊपर की तालिका में है: सूर्यास्त के बाद का शुभ या अमृत चौघड़िया।
चौघड़िया देखें या पंचांग का लक्ष्मी पूजा मुहूर्त?
छपे हुए पंचांग लक्ष्मी पूजा का अलग मुहूर्त देते हैं, जो आमतौर पर प्रदोष काल के भीतर एक-दो घंटे का होता है। इसे वे स्थिर लग्न (अक्सर वृषभ) से और छोटा करते हैं, क्योंकि माना जाता है कि स्थिर लग्न में की गई पूजा से लक्ष्मी घर में टिकती हैं। यह गणना लग्न पर टिकी है, जो यह साइट नहीं निकालती, इसलिए वह समय हम यहां नहीं दे रहे।

दोनों को साथ रखकर देखा जा सकता है। 8 नवंबर 2026 को तालिका के हर शहर में शुभ और अमृत मिलकर सूर्यास्त से तीन घंटे से कुछ ज्यादा चलते हैं, जिसमें प्रदोष काल आ जाता है। इसलिए आपके घर के पंचांग का शाम वाला मुहूर्त आमतौर पर शुभ चौघड़िया में ही पड़ेगा। आधी रात की निशीथ काल पूजा अपवाद है: तब तक रात रोग और काल चौघड़िया में पहुंच चुकी होती है। अगर कभी पंचांग का मुहूर्त और चौघड़िया अलग बात कहें, तो वही पंचांग मानें जो आपके घर में चलता है। गुजरात और राजस्थान के बहुत से घर सिर्फ चौघड़िया देखकर ही पूजा करते हैं।
हर शहर में समय अलग क्यों है?
चौघड़िया दिन या रात का आठवां हिस्सा होता है, इसलिए यह आपके शहर के सूर्योदय या सूर्यास्त से शुरू होता है, घड़ी के किसी तय समय से नहीं। पूरे भारत की घड़ी एक है, पर सूरज हर जगह एक साथ नहीं डूबता: 8 नवंबर 2026 को कटिहार में सूर्यास्त शाम 4:54 बजे है और राजकोट में 6:06 बजे, यानी 72 मिनट का फर्क। पूर्व से पश्चिम तक हर चौघड़िया लगभग इतना ही खिसक जाता है।
इसीलिए दिल्ली से आया लक्ष्मी पूजा का व्हाट्सऐप मैसेज मुंबई में करीब आधा घंटा गलत होगा। अपने शहर की पंक्ति देखें, या आज का चौघड़िया पेज पर अपना शहर खोलकर तारीख चुनें। त्योहार के पूरे हफ्ते की तारीखें 2026 के त्योहारों की सूची में हैं, और धनतेरस-दिवाली पर क्या खरीदें और कहां रखें, यह हमारे लेख धनतेरस और दिवाली का वास्तु में है।
क्या धनतेरस पर रोग या काल चौघड़िया में सोना खरीद सकते हैं?
परंपरा में धनतेरस का पूरा दिन सोना, चांदी या बर्तन खरीदने के लिए शुभ माना जाता है, इसलिए किसी भी चौघड़िया में की गई खरीदारी “गलत” नहीं है। चौघड़िया बस उस शुभ दिन के भीतर सबसे अच्छा समय चुनने में मदद करता है। अगर दुकान सिर्फ रोग या काल के समय ही खुली है, तो बहुत लोग तब भी खरीद लेते हैं। चुनने का मौका हो तो लाभ, अमृत या शुभ में जाएं।
विदेश में रहते हैं तो क्या करें?
विदेश में त्योहार की तारीख एक दिन आगे-पीछे हो सकती है, क्योंकि तिथि वहां के सूर्योदय या सूर्यास्त से देखी जाती है। आज का चौघड़िया पेज पर अपना शहर खोलें और तारीख चुनें: लंदन, न्यूयॉर्क, दुबई, सिंगापुर जैसे शहरों का समय भी हम उनके अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकालते हैं। चौघड़िया का क्रम नहीं बदलता, सिर्फ घड़ी का समय बदलता है।
हर शहर का समय 20 अक्टूबर 2026 को उसके अक्षांश-देशांतर से निकाला गया। त्योहार की तारीखें नई दिल्ली की हैं और एक प्रामाणिक पंचांग से मिलाई गई हैं; गणना का तरीका यहां देखें।
आज के समय देखें
यह लेख बताता है कि पंचांग की परंपरा किसी समय के बारे में क्या कहती है; यह किसी की निजी सलाह नहीं है। ऊपर के पेजों पर समय आपके चुने हुए शहर के हिसाब से निकलता है।
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