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गोवर्धन पूजा 2026

गोवर्धन पूजा 2026 कब है? आपके शहर में शुभ मुहूर्त

गोवर्धन पूजा 2026 मंगलवार, 10 नवंबर को है। इसका मुहूर्त सुबह का होता है, जिसे प्रातःकाल कहते हैं, और नई दिल्ली में यह सुबह 6:39 से 8:49 बजे तक है। प्रतिपदा तिथि, जिसका यह पर्व है, दोपहर करीब 2:00 बजे तक रहेगी, इसलिए गोवर्धन और अन्नकूट के लिए पूरी सुबह शुभ है। समय आपके शहर के सूर्योदय के साथ खिसकता है; नीचे 30 शहरों की तालिका है।

इस बार दिवाली के बाद एक दिन का अंतर है। लक्ष्मी पूजा रविवार 8 नवंबर को है, सोमवार 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक अमावस्या रहेगी, और गोवर्धन पूजा मंगलवार को होगी। उसी मंगलवार को मंदिरों में अन्नकूट, महाराष्ट्र में बलि प्रतिपदा और गुजराती नववर्ष भी है।

2026 में गोवर्धन पूजा कब है?

गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को होती है, यानी दिवाली की अमावस्या के अगले दिन। 2026 में प्रतिपदा 9 नवंबर की दोपहर 12:31 बजे लगेगी और 10 नवंबर की दोपहर 2:00 बजे तक रहेगी (नई दिल्ली)। 10 तारीख के सूर्योदय पर प्रतिपदा है, इसलिए पंचांग यही दिन देते हैं, और इस पर कोई मतभेद नहीं है।

9 तारीख क्यों नहीं, जब दोपहर से प्रतिपदा लग चुकी होगी? तिथि उसी दिन की मानी जाती है जिसके सूर्योदय पर वह हो। 9 नवंबर की सुबह अमावस्या है, जिस दिन बहुत से परिवार दिवाली का स्नान और देव पूजा करते हैं। दिवाली के पूरे हफ्ते की तारीखें हमारी 2026 के त्योहारों की सूची में हैं।

मेरे शहर में गोवर्धन पूजा का मुहूर्त क्या है?

पंचांग गोवर्धन पूजा के लिए सुबह का प्रातःकाल मुहूर्त देते हैं: सूर्योदय से दिन का पहला पांचवां हिस्सा। यह दिन का हिस्सा है, इसलिए कोलकाता में सुबह 5:45 बजे शुरू होता है और राजकोट में 6:55 बजे। दूसरा कॉलम यही समय है। तीसरा कॉलम देर सुबह के लाभ और अमृत चौघड़िया हैं, उन घरों के लिए जो समय प्रातःकाल से नहीं बल्कि चौघड़िया से तय करते हैं; ये भी तालिका के हर शहर में प्रतिपदा खत्म होने से पहले खत्म हो जाते हैं।

शहर प्रातःकाल मुहूर्त लाभ और अमृत (देर सुबह)
नई दिल्ली सुबह 6:39–8:49 सुबह 10:43 से दोपहर 1:26
मुंबई सुबह 6:43–8:58 सुबह 10:57 से दोपहर 1:47
कोलकाता सुबह 5:45–7:59 सुबह 9:56 से दोपहर 12:43
बेंगलुरु सुबह 6:16–8:35 सुबह 10:36 से दोपहर 1:30
पटना सुबह 6:03–8:15 सुबह 10:10 से दोपहर 12:55
लखनऊ सुबह 6:22–8:33 सुबह 10:28 से दोपहर 1:12
जयपुर सुबह 6:42–8:53 सुबह 10:48 से दोपहर 1:32
अहमदाबाद सुबह 6:49–9:03 सुबह 11:00 से दोपहर 1:46
बाकी 22 शहरों का समय देखें
शहर प्रातःकाल मुहूर्त लाभ और अमृत (देर सुबह)
सूरत सुबह 6:46–9:00 सुबह 10:58 से दोपहर 1:46
राजकोट सुबह 6:55–9:09 सुबह 11:06 से दोपहर 1:54
वडोदरा सुबह 6:46–9:00 सुबह 10:57 से दोपहर 1:44
जोधपुर सुबह 6:52–9:04 सुबह 10:59 से दोपहर 1:43
हैदराबाद सुबह 6:18–8:35 सुबह 10:34 से दोपहर 1:25
चेन्नई सुबह 6:05–8:24 सुबह 10:25 से दोपहर 1:19
पुणे सुबह 6:38–8:54 सुबह 10:53 से दोपहर 1:43
कानपुर सुबह 6:23–8:35 सुबह 10:30 से दोपहर 1:14
नागपुर सुबह 6:21–8:35 सुबह 10:33 से दोपहर 1:21
इंदौर सुबह 6:36–8:49 सुबह 10:46 से दोपहर 1:33
भोपाल सुबह 6:30–8:44 सुबह 10:40 से दोपहर 1:27
वाराणसी सुबह 6:11–8:23 सुबह 10:19 से दोपहर 1:04
चंडीगढ़ सुबह 6:44–8:53 सुबह 10:46 से दोपहर 1:27
जालंधर सुबह 6:50–8:58 सुबह 10:51 से दोपहर 1:31
कटिहार सुबह 5:53–8:05 सुबह 10:00 से दोपहर 12:45
लुधियाना सुबह 6:48–8:57 सुबह 10:49 से दोपहर 1:30
अमृतसर सुबह 6:53–9:02 सुबह 10:54 से दोपहर 1:34
आगरा सुबह 6:34–8:45 सुबह 10:39 से दोपहर 1:23
रांची सुबह 5:59–8:12 सुबह 10:09 से दोपहर 12:55
उदयपुर सुबह 6:47–9:00 सुबह 10:56 से दोपहर 1:41
भावनगर सुबह 6:49–9:03 सुबह 11:01 से दोपहर 1:49
कोयंबटूर सुबह 6:16–8:36 सुबह 10:38 से दोपहर 1:33

शहर के नाम पर टैप करें तो 10 नवंबर का पूरा चौघड़िया खुल जाएगा।

क्या गोवर्धन पूजा की सुबह का चौघड़िया शुभ है?

चौघड़िया के हिसाब से नहीं। मंगलवार का दिन रोग और फिर उद्वेग से शुरू होता है, और प्रातःकाल का समय इन्हीं दोनों में पड़ता है। फिर भी पंचांग प्रातःकाल ही देते हैं, क्योंकि गोवर्धन पूजा का समय दिन के हिस्से से तय होता है, चौघड़िया से नहीं। अगर आपके घर में प्रातःकाल माना जाता है, तो चौघड़िया की वजह से समय बदलने की जरूरत नहीं।

अगर आपके घर में चौघड़िया देखा जाता है, तो देर सुबह के लाभ और अमृत लें (नई दिल्ली में सुबह 10:43 से दोपहर 1:26 तक)। प्रतिपदा खत्म होने से पहले के ये दिन के दो शुभ चौघड़िया हैं। मंगलवार का राहुकाल दोपहर बाद है, नई दिल्ली में करीब 2:47 से 4:08 तक, यानी दोनों समय के बाद, इसलिए यह आड़े नहीं आता। सातवां चौघड़िया, शुभ, इस दिन अपनी अलग वजह से छोड़ें: मंगलवार को वही 80-85 मिनट राहुकाल भी होते हैं।

घर पर गोवर्धन पूजा कैसे होती है?

यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बहुत से घरों में महिलाएं आंगन में गोबर से छोटा सा गोवर्धन बनाती हैं: पर्वत के लिए लेटी हुई आकृति, आसपास गाय, ग्वाला और तालाब, ऊपर फूल, सींकें और चावल। परिवार उसकी परिक्रमा करता है, जल, रोली और मिठाई चढ़ाता है, और गांवों में उसी सुबह गायों को नहलाकर उनकी पूजा भी होती है।

आंगन के फर्श पर गोबर से बना गोवर्धन, सींकें, लावा और बीच में दो कलश
पूजा के लिए गोबर से बना गोवर्धन, सींकें, लावा और दीया। फोटो: Teacher1943, विकिमीडिया कॉमन्स, CC BY-SA 4.0, क्रॉप किया गया।

दिन का दूसरा हिस्सा अन्नकूट है, यानी “अन्न का पहाड़”। चावल, कढ़ी, मिली-जुली सब्जी, पूरी और मिठाई जैसे पकवान कृष्ण जी को चढ़ाए जाते हैं, मंदिरों में अक्सर छप्पन भोग के रूप में, और फिर प्रसाद में बंटते हैं। मथुरा के पास श्रद्धालु खुद गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं। इन सबके पीछे वही कथा है: इंद्र की बारिश से गोकुल को बचाने के लिए कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को एक उंगली पर उठा लिया था।

गोवर्धन पूजा के बाद क्या है?

अगले दिन, बुधवार 11 नवंबर को भाई दूज है, और उसका तिलक दोपहर में होता है। हमारे लेख भाई दूज 2026: तिलक का शुभ मुहूर्त में 30 शहरों का समय है, और हफ्ते की शुरुआत धनतेरस और दिवाली 2026 का चौघड़िया में है।

हर शहर का समय 20 अक्टूबर 2026 को उसके अक्षांश-देशांतर से निकाला गया। तारीखें नई दिल्ली के पंचांग की हैं; गणना का तरीका यहां देखें।

यह लेख बताता है कि पंचांग की परंपरा किसी समय के बारे में क्या कहती है; यह किसी की निजी सलाह नहीं है। ऊपर के पेजों पर समय आपके चुने हुए शहर के हिसाब से निकलता है।

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