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बेसतु वरस 2026

गुजराती नववर्ष और लाभ पंचम 2026 का चौघड़िया

गुजराती नववर्ष (बेसतु वरस) मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को है, जिस दिन विक्रम संवत 2083 शुरू होता है। लाभ पंचम शनिवार, 14 नवंबर को है। नए साल के दिन शुभ चौघड़िया लाभ और अमृत हैं, जो देर सुबह से दोपहर तक लगातार चलते हैं (अहमदाबाद में सुबह 11:00 से दोपहर 1:46 तक)। लाभ पंचम की सुबह का सबसे अच्छा चौघड़िया शुभ है (अहमदाबाद में सुबह 8:15 से 9:38 तक), और दोपहर में फिर लाभ और अमृत आते हैं। तालिका में 30 शहरों के तीनों समय हैं।

गुजराती व्यापारी परिवार ये दोनों दिन चौघड़िया देखकर तय करते हैं: बेसतु वरस पर दुकान पर पहली बार जाना और साल की पहली एंट्री, और लाभ पंचम पर दिवाली की छुट्टी के बाद दुकान फिर से खोलना। गोवर्धन पूजा और अन्नकूट भी उसी मंगलवार को हैं।

गुजराती नववर्ष 2026 पर सबसे शुभ चौघड़िया कौन सा है?

बेसतु वरस मंगलवार को है। मंगलवार के दिन के चौघड़िया इस क्रम में चलते हैं: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। चौथा और पांचवां, यानी लाभ और अमृत, दोपहर के आसपास करीब तीन घंटे साथ रहते हैं। दुकान खोलने, पहली एंट्री लिखने या साल की पहली बिक्री के लिए यही समय है।

इस दिन शुभ चौघड़िया छोड़ दें, और इसकी वजह राहुकाल है। मंगलवार उन दो दिनों में से है जब राहुकाल और एक शुभ चौघड़िया बिल्कुल एक ही समय पर पड़ते हैं: मंगलवार को यह सातवां, शुभ होता है। अहमदाबाद में यह दोपहर 3:10 से शाम 4:33 तक है। परंपरा में राहुकाल भारी माना जाता है, इसलिए 10 नवंबर को शुभ चौघड़िया में शुरुआत न करें। इसकी पूरी वजह हमारे लेख राहुकाल के नियम में है।

सुबह का चर (अहमदाबाद में 9:36 से 11:00 तक) यात्रा और दुकान तक जाने के लिए ठीक है। ज्यादातर पंचांग इसे अच्छा मानते हैं, यह साइट इसे सामान्य दिखाती है।

लाभ पंचम 2026 पर कौन सा चौघड़िया शुभ है?

लाभ पंचम, यानी कार्तिक शुक्ल पंचमी, शनिवार 14 नवंबर को है। पंचांग इसके लिए सुबह का (प्रातः काल) मुहूर्त देते हैं, जो दिन का पहला तिहाई हिस्सा है: अहमदाबाद में सुबह 6:52 से 10:33 तक। शनिवार के दिन के चौघड़िया हैं: काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल। इसलिए सुबह के इस मुहूर्त के भीतर शुभ ही अच्छा चौघड़िया है। उसके बाद आने वाला रोग शनिवार का राहुकाल भी है, इसलिए पूजा और पहली बिक्री शुभ खत्म होने से पहले कर लें।

सुबह न हो सके, तो दोपहर में लाभ और फिर अमृत लगातार हैं (अहमदाबाद में दोपहर 1:46 से शाम 4:32 तक)। जो दुकान खाने के बाद खुलती है, उसके लिए यही समय है।

शहर बेसतु वरस, 10 नवंबर: लाभ और अमृत लाभ पंचम, 14 नवंबर: शुभ लाभ पंचम, 14 नवंबर: लाभ और अमृत
अहमदाबाद सुबह 11:00 से दोपहर 1:46 सुबह 8:15–9:38 दोपहर 1:46 से शाम 4:32
सूरत सुबह 10:58 से दोपहर 1:46 सुबह 8:12–9:35 दोपहर 1:46 से शाम 4:33
राजकोट सुबह 11:06 से दोपहर 1:54 सुबह 8:21–9:44 दोपहर 1:54 से शाम 4:40
वडोदरा सुबह 10:57 से दोपहर 1:44 सुबह 8:11–9:35 दोपहर 1:44 से शाम 4:31
भावनगर सुबह 11:01 से दोपहर 1:49 सुबह 8:15–9:38 दोपहर 1:49 से शाम 4:35
मुंबई सुबह 10:57 से दोपहर 1:47 सुबह 8:09–9:33 दोपहर 1:47 से शाम 4:35
नई दिल्ली सुबह 10:43 से दोपहर 1:26 सुबह 8:03–9:24 दोपहर 1:26 से शाम 4:07
कोलकाता सुबह 9:56 से दोपहर 12:43 सुबह 7:11–8:34 दोपहर 12:43–3:30
बाकी 22 शहरों का समय देखें
शहर बेसतु वरस, 10 नवंबर: लाभ और अमृत लाभ पंचम, 14 नवंबर: शुभ लाभ पंचम, 14 नवंबर: लाभ और अमृत
जयपुर सुबह 10:48 से दोपहर 1:32 सुबह 8:06–9:28 दोपहर 1:32 से शाम 4:15
जोधपुर सुबह 10:59 से दोपहर 1:43 सुबह 8:17–9:38 दोपहर 1:43 से शाम 4:27
बेंगलुरु सुबह 10:36 से दोपहर 1:30 सुबह 7:44–9:10 दोपहर 1:30 से शाम 4:23
हैदराबाद सुबह 10:34 से दोपहर 1:25 सुबह 7:45–9:10 दोपहर 1:25 से शाम 4:15
चेन्नई सुबह 10:25 से दोपहर 1:19 सुबह 7:33–9:00 दोपहर 1:19 से शाम 4:12
पुणे सुबह 10:53 से दोपहर 1:43 सुबह 8:05–9:29 दोपहर 1:43 से शाम 4:32
लखनऊ सुबह 10:28 से दोपहर 1:12 सुबह 7:46–9:07 दोपहर 1:11–3:54
कानपुर सुबह 10:30 से दोपहर 1:14 सुबह 7:48–9:09 दोपहर 1:14–3:57
नागपुर सुबह 10:33 से दोपहर 1:21 सुबह 7:47–9:10 दोपहर 1:21 से शाम 4:08
इंदौर सुबह 10:46 से दोपहर 1:33 सुबह 8:01–9:24 दोपहर 1:33 से शाम 4:20
पटना सुबह 10:10 से दोपहर 12:55 सुबह 7:27–8:49 दोपहर 12:55–3:39
भोपाल सुबह 10:40 से दोपहर 1:27 सुबह 7:56–9:19 दोपहर 1:27 से शाम 4:13
वाराणसी सुबह 10:19 से दोपहर 1:04 सुबह 7:36–8:58 दोपहर 1:04–3:48
चंडीगढ़ सुबह 10:46 से दोपहर 1:27 सुबह 8:07–9:27 दोपहर 1:26 से शाम 4:06
जालंधर सुबह 10:51 से दोपहर 1:31 सुबह 8:13–9:32 दोपहर 1:31 से शाम 4:10
कटिहार सुबह 10:00 से दोपहर 12:45 सुबह 7:18–8:40 दोपहर 12:45–3:29
लुधियाना सुबह 10:49 से दोपहर 1:30 सुबह 8:11–9:31 दोपहर 1:30 से शाम 4:09
अमृतसर सुबह 10:54 से दोपहर 1:34 सुबह 8:16–9:36 दोपहर 1:34 से शाम 4:12
आगरा सुबह 10:39 से दोपहर 1:23 सुबह 7:58–9:19 दोपहर 1:23 से शाम 4:05
रांची सुबह 10:09 से दोपहर 12:55 सुबह 7:24–8:47 दोपहर 12:55–3:41
उदयपुर सुबह 10:56 से दोपहर 1:41 सुबह 8:12–9:34 दोपहर 1:41 से शाम 4:26
कोयंबटूर सुबह 10:38 से दोपहर 1:33 सुबह 7:44–9:12 दोपहर 1:33 से शाम 4:28

शहर के नाम पर टैप करने से 10 नवंबर का पूरा चौघड़िया खुलेगा; 14 नवंबर के लिए उसी पेज पर तारीख बदल लें।

अहमदाबाद और कोलकाता में समय अलग क्यों है?

चौघड़िया दिन का आठवां हिस्सा होता है, इसलिए यह आपके शहर के सूर्योदय से शुरू होता है, घड़ी के किसी तय समय से नहीं। 10 नवंबर को कोलकाता में लाभ चौघड़िया सुबह 9:56 बजे शुरू होता है और राजकोट में 11:06 बजे, यानी एक घंटे से ज्यादा का फर्क। मुंबई, कोलकाता या चेन्नई में रहने वाले गुजराती परिवार अहमदाबाद से आया समय नहीं, अपने शहर की पंक्ति देखें।

चोपड़ा पूजन और शारदा पूजन का क्या?

चोपड़ा पूजन, यानी नए बही-खातों की पूजा, दिवाली के दिन 8 नवंबर को होती है, और उस रविवार की शाम इस बार बहुत अच्छी है: सूर्यास्त के बाद शुभ, अमृत और चर बिना रुकावट के चलते हैं। हर शहर का समय हमारे लेख धनतेरस और दिवाली 2026 का चौघड़िया में है। बेसतु वरस और लाभ पंचम वे दिन हैं जब बही और दुकान सच में कारोबार के लिए खुलते हैं।

दिवाली की रात घर में लक्ष्मी पूजा करता परिवार, दीये, फूल और लक्ष्मी जी की मूर्ति का चित्र
दिवाली की रात लक्ष्मी पूजा, जब बहुत से गुजराती परिवार नए बही-खाते भी पूजते हैं। यह चित्र AI से बनाया गया है, फोटो नहीं।

दुकान वैसे भी खुलनी है, तो चौघड़िया का क्या फर्क पड़ता है?

लाभ पंचम का पूरा दिन व्यापार शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है, इसलिए जो दुकान अपने रोज के समय पर खुलती है, वह कुछ “गलत” नहीं कर रही। चौघड़िया बस उस अच्छे दिन के भीतर सबसे अच्छा समय चुनने में मदद करता है। चुनने का मौका हो तो तालिका का समय लें और राहुकाल से बाहर रहें; न हो, तो दिन अपने आप में शुभ है।

सातों चौघड़िया का मतलब हमारे आज का चौघड़िया पेज पर है, और व्यापार के लिए कौन सा चौघड़िया चुना जाता है, यह हमारे लेख सोना, गाड़ी या नया काम: कौन सा चौघड़िया शुभ में है।

हर शहर का समय 20 अक्टूबर 2026 को उसके अक्षांश-देशांतर से निकाला गया। तारीखें नई दिल्ली के पंचांग की हैं; गणना का तरीका यहां देखें।

यह लेख बताता है कि पंचांग की परंपरा किसी समय के बारे में क्या कहती है; यह किसी की निजी सलाह नहीं है। ऊपर के पेजों पर समय आपके चुने हुए शहर के हिसाब से निकलता है।

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