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शिव प्रश्नावली

शिव प्रश्नावली सात अंकों का एक चक्र है। "ॐ नमः शिवाय" जपकर, मन में एक प्रश्न रखकर किसी अंक को छुएं। सातों उत्तर एक दिशा और एक उपाय बताते हैं, सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाने से लेकर महामृत्युंजय मंत्र तक।

प्रश्न पूछने के लिए किसी भी अंक को छुएं।

  1. चक्र के सामने बैठें और शांत मन से भगवान शिव का ध्यान करें।
  2. "ॐ नमः शिवाय" ग्यारह बार जपें।
  3. मन में एक प्रश्न रखें, आँखें बंद करें और किसी अंक को छुएं।

मंत्र: ॐ नमः शिवाय, 11 बार बोलें

प्रश्न पूछने के लिए किसी भी अंक को छुएं।

शिव प्रश्नावली कैसे काम करती है?

इस चक्र में बस सात अंक हैं, यहाँ के सब चक्रों में सबसे कम। आप एक अंक छूते हैं और उसके आगे लिखा उत्तर महादेव का उत्तर है। अंक कम हैं, इसलिए हर उत्तर बड़े चक्रों से ज़्यादा बात कहता है: आप कहाँ खड़े हैं, आगे क्या करें और कितना समय लग सकता है।

सातों उत्तरों के साथ उपाय है। दो उपाय सीधे शिव जी के हैं: सोमवार को शिवलिंग पर जल और अक्षत, और "ॐ नमः शिवाय" के जप के साथ धतूरा। एक उपाय महामृत्युंजय मंत्र है। बाकी आपको हनुमान जी या गणेश जी के पास भेजते हैं, जिनसे लोग हिम्मत और बिना रुकावट के रास्ते की प्रार्थना करते हैं।

शिव प्रश्नावली कहाँ से आई?

सात अंकों वाला शिव चक्र हनुमान, गणेश और दुर्गा प्रश्नावली की तरह घरों में देखे जाने वाले चक्रों में से है, और हिंदी की भक्ति पुस्तिकाओं और पंचांग के पन्नों पर उन्हीं के साथ छपता है। इसके साथ किसी ग्रंथ या रचनाकार का नाम नहीं जुड़ा। आजकल कुछ वेबसाइटें स्तोत्र की पंक्तियों से बना 49 उत्तरों वाला शिव चक्र दिखाती हैं; वे नई रचनाएं हैं, यह चक्र नहीं।

हमने इन सात उत्तरों को उन पुराने स्रोतों से मिलाया जो इन्हें छापते हैं। सब स्रोत उसी क्रम में वही सात अर्थ देते हैं, बस उपायों में छोटे फर्क हैं, जैसे जल के साथ अक्षत चढ़े या नहीं। हमने वही रखा जो सबमें एक है और उसे अपने शब्दों में लिखा।

भगवान शिव से कब पूछना चाहिए?

सोमवार शिव जी का दिन है। हर त्रयोदशी की शाम का प्रदोष और हर महीने की मासिक शिवरात्रि भी उन्हीं की है, और जुलाई-अगस्त का पूरा सावन महीना उन्हें समर्पित है। महाशिवरात्रि साल की सबसे बड़ी रात है।

इनमें से किसी भी दिन, सुबह जल्दी या सूर्यास्त के आसपास प्रदोष काल में पूछना स्वाभाविक है। बहुत भक्त पहले शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं, फिर चक्र देखते हैं। किसी शुरुआत के लिए अच्छा समय चाहिए तो अपने शहर का चौघड़िया देखें।

अगर उत्तर दो साल रुकने को कहे तो?

अंक 6 कहता है कि अभी संघर्ष के दिन हैं और समस्या सुलझने में लगभग दो साल लग सकते हैं। यह सुनना कठिन है, पर यह नहीं कहता कि नतीजा बुरा होगा। यह धीरज, लगातार प्रार्थना और विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा मांगता है।

अंक 2 अकेली साफ़ चेतावनी है: यह कहता है कि किसी जानकार से सलाह लें, क्योंकि इस बात में नुकसान हो सकता है। दोनों में महादेव का उत्तर डरने का फैसला नहीं, आगे बढ़ने की दिशा है।

शिव प्रश्नावली के सभी 7 उत्तर

हर अंक और उसका उत्तर, जैसा चक्र में है। पहले प्रश्न पूछें, फिर पढ़ें।

शिव प्रश्नावली के सभी 7 उत्तर
अंकउत्तर
1शुभ: काम में आलस न करें और ईमानदारी से लगे रहें। छह महीने में सफलता मिल सकती है, अच्छे समय के संकेत दिख रहे हैं।उपाय: हर मंगलवार हनुमान चालीसा का पाठ करें।
2सावधान: अपने काम के बारे में किसी भरोसेमंद जानकार से सलाह लें, मनमानी न करें। जिस बात पर प्रश्न पूछा है, उसमें नुकसान हो सकता है।उपाय: हर सोमवार शिवलिंग पर जल और अक्षत चढ़ाएं।
3धीरज रखें: हालात अभी आपके पक्ष में नहीं हैं। कुछ समय रुकें, समय बदलने में थोड़ी देर लगेगी।उपाय: "ॐ नमः शिवाय" का जप करें और शिव जी को धतूरा चढ़ाएं।
4शुभ: जिस काम के बारे में पूछा है, उसमें सफलता के योग हैं। जल्दबाज़ी न करें और परिवार के लोगों की राय भी लें।उपाय: ज़रूरतमंद लोगों को दान दें।
5शुभ: किसी अपने के सहयोग से काम पूरा होगा और जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा। अच्छा समय आने वाला है, लाभ के योग हैं।उपाय: हर मंगलवार और शनिवार हनुमान जी के दर्शन करें।
6धीरज रखें: अभी संघर्ष के दिन हैं। समस्या सुलझने में लगभग दो साल लग सकते हैं। धर्म-कर्म करते रहें।उपाय: बुधवार को श्री गणेश की पूजा करें।
7शुभ: आपका अच्छा समय शुरू होने वाला है और मन की परेशानी भी जल्दी खत्म होगी। ज़रूरतमंदों की मदद करते रहें।उपाय: हर सोमवार महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।

शिव प्रश्नावली: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिव प्रश्नावली में सात ही अंक क्यों हैं?

पारंपरिक चक्र इसी तरह बना है। सात उत्तर, हर एक के साथ उपाय, ताकि हर उत्तर एक पंक्ति से ज़्यादा बात कह सके।

क्या सावन में शिव प्रश्नावली देखना अच्छा है?

हाँ। जुलाई-अगस्त का सावन शिव जी का महीना है और इसके सोमवार विशेष माने जाते हैं। बहुत लोग इसी समय चक्र देखते हैं।

"ॐ नमः शिवाय" कितनी बार जपें?

ग्यारह बार आम है, और ज़्यादातर परिवार कम से कम पाँच बार जपते हैं। धीरे-धीरे, ध्यान शिव जी पर रखकर जपें, फिर पूछें।

पास में शिव मंदिर न हो तो क्या उपाय घर पर कर सकते हैं?

हाँ। घर के छोटे शिवलिंग या शिव जी के चित्र के आगे सच्चे मन से जल चढ़ाना भी उपाय का भाव निभा देता है।

और प्रश्नावलियां

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प्रश्नावली भक्ति का मार्गदर्शन है, भविष्यवाणी नहीं। सेहत, पैसे या कानून से जुड़े फैसलों में किसी जानकार की सलाह भी लें।

चित्र: रवि वर्मा प्रेस के लगभग 1910 के छापे, सार्वजनिक डोमेन (विकिमीडिया कॉमन्स)।