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गणेश प्रश्नावली

गणेश प्रश्नावली 64 अंकों का एक चौकोर चक्र है, आठ-आठ की आठ पंक्तियां। गणेश जी का मंत्र बोलकर, मन में एक प्रश्न रखकर किसी अंक को छुएं। हर अंक का उत्तर तय है और ज़्यादातर के साथ छोटा सा उपाय भी है। दुकान, नौकरी, परीक्षा या घर बदलने से पहले लोग इसे देखते हैं।

प्रश्न पूछने के लिए किसी भी अंक को छुएं।

  1. चक्र के सामने बैठें और विघ्नहर्ता गणेश जी को याद करें।
  2. नीचे दिया मंत्र ग्यारह बार बोलें। कुछ लोग पहले अपना प्रश्न कागज़ पर लिख लेते हैं।
  3. आँखें बंद करके दाहिने हाथ से 64 में से किसी अंक को छुएं।

मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः, 11 बार बोलें

प्रश्न पूछने के लिए किसी भी अंक को छुएं।

गणेश प्रश्नावली कैसे काम करती है?

चक्र आठ-आठ खानों की आठ पंक्तियों का चौकोर है, जिसमें 1 से 64 तक अंक हैं। हर अंक का अपना उत्तर है। हो सके तो बिना देखे एक अंक को छुएं और उसके आगे लिखा उत्तर पढ़ें। कोई जोड़-घटाव नहीं होता: अंक ही उत्तर है।

64 में से ज़्यादातर उत्तर हाँ की ओर झुकते हैं, क्योंकि गणेश जी से लोग शुरुआत से पहले पूछते हैं, और बहुत से उत्तरों के साथ उपाय भी है। उपाय कई तरह के हैं: गणेश जी को दूर्वा, पीपल को जल, सत्यनारायण कथा, गाय या मछलियों को भोजन। कुछ उत्तर साफ़ कहते हैं कि यह काम आपके लिए ठीक नहीं, और ऐसे उत्तर को गंभीरता से लेना चाहिए।

नई शुरुआत से पहले गणेश जी से ही क्यों पूछें?

हर पूजा में सबसे पहले गणेश जी पूजे जाते हैं, क्योंकि वे रास्ते की रुकावटें हटाते हैं। शादी का कार्ड हो, दिवाली पर नई बही हो या दुकान का उद्घाटन, शुरुआत "श्री गणेशाय नमः" से होती है। उनकी प्रश्नावली देखना भी इसी भाव से है: कुछ तय करने या पैसा लगाने से पहले विघ्नहर्ता से पूछ लेना कि रास्ता खुला है या नहीं।

इसीलिए चक्र के उत्तर व्यापार, यात्रा, पैसे और परिवार की इतनी बात करते हैं। उत्तर अच्छा हो और आप शुरुआत के लिए तैयार हों, तो शुरुआत का समय भी अच्छा चुनें। दोपहर के आसपास का अभिजीत मुहूर्त और अपने शहर के शुभ और लाभ चौघड़िया आम तौर पर चुने जाते हैं।

गणेश प्रश्नावली कहाँ से आई?

हनुमान प्रश्नावली की तरह 64 अंकों वाला गणेश चक्र भी किसी एक ग्रंथ से नहीं, बल्कि घरों के पंचांगों और भक्ति की पुस्तिकाओं से आया है, और इसे बनाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। इसके उत्तर तय हैं: जितने पुराने स्रोत हमने मिलाए, सबमें हर अंक का अर्थ एक ही है, भले शब्द अलग हों।

हमने अपनी सूची उनसे अंक-दर-अंक मिलाई और फिर हर उत्तर अपने शब्दों में लिखा। जहाँ उपाय के किसी छोटे ब्योरे में फर्क था, जैसे व्रत का दिन, वहाँ वही रखा जिस पर स्रोत एकमत हैं।

गणेश प्रश्नावली के लिए कौन सा दिन सबसे अच्छा है?

बुधवार गणेश जी का दिन है और हर पक्ष की चतुर्थी उनकी तिथि है। भाद्रपद की गणेश चतुर्थी सबसे बड़ा दिन है। सुबह स्नान के बाद उनके चित्र के आगे दीपक जलाकर पूछना आम रीति है।

एक बार में एक ही प्रश्न रखें और एक दिन में एक ही बात दोबारा न पूछें। उत्तर में कोई उपाय हो, तो उसे अगले बुधवार से या उसमें बताए दिन से शुरू करें।

गणेश प्रश्नावली के सभी 64 उत्तर

हर अंक और उसका उत्तर, जैसा चक्र में है। पहले प्रश्न पूछें, फिर पढ़ें।

गणेश प्रश्नावली के सभी 64 उत्तर
अंकउत्तर
1शुभ: आपकी मनोकामना ज़रूर पूरी होगी।उपाय: जब भी समय मिले, राम नाम जपें।
2सावधान: जो काम आप करना चाहते हैं, उसमें नुकसान की आशंका है। कोई दूसरा काम सोचें।उपाय: गाय को चारा खिलाएं।
3शुभ: चिंता दूर होने का समय आ गया है। कष्ट मिटेंगे और सफलता मिलेगी।उपाय: रोज़ पीपल की पूजा करें।
4शुभ: लाभ होगा, परिवार बढ़ेगा और सुख-संपत्ति के योग बन रहे हैं।उपाय: कुल देवता की पूजा करें।
5शुभ: काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़े तो घबराएं नहीं, लाभ ही होगा।उपाय: शनिदेव की आराधना करें।
6शुभ: महीने के अंत तक आपकी मनोकामना पूरी होगी।उपाय: रोज़ सुबह श्री गणेश की पूजा करें।
7शुभ: पैसे की तंगी जल्दी दूर होगी, परिवार बढ़ेगा और किसी स्त्री के माध्यम से धन मिलेगा।
8शुभ: धन और संतान, दोनों के योग बन रहे हैं।उपाय: शनिवार को शनिदेव की पूजा करें।
9शुभ: ग्रह आपके पक्ष में हैं। जो चीज़ आपसे दूर चली गई, वह लौट आएगी।
10शुभ: जल्दी कोई खुशी की खबर मिलेगी और मनोकामना भी पूरी होगी।उपाय: रोज़ पूजा करें।
11धीरज रखें: व्यापार में नुकसान हो रहा हो तो कोई दूसरा व्यापार सोचें। तब सफलता मिलेगी।उपाय: पीपल पर रोज़ जल चढ़ाएं।
12शुभ: सरकार से लाभ और मान-सम्मान मिलेगा। पूर्व दिशा शुभ है, उधर यात्रा हो सकती है।
13शुभ: कुछ ही दिनों में आपका सबसे अच्छा समय आने वाला है। कपड़े का काम करें तो और अच्छा रहेगा।
14शुभ: मन की इच्छा पूरी होगी, सरकार से लाभ होगा और किसी मित्र या भाई से मिलना होगा।
15शुभ: सपने में खुद को गाँव जाते देखें तो शुभ समाचार मिलेगा। पुत्र से लाभ और धन के योग हैं।
16शुभ: सफलता मिलेगी। देवी माँ सपने में मार्ग दिखाएंगी।उपाय: देवी माँ की पूजा करें।
17शुभ: आपका अच्छा समय आ गया है। चिंता दूर होगी, धन और सुख मिलेगा।
18शुभ: यात्रा पर जा सकते हैं, वह शुभ और लाभ देने वाली रहेगी।उपाय: कुलदेवी का पूजन करें।
19धीरज रखें: समस्या दूर होने में अभी लगभग डेढ़ साल बाकी है। हर काम माता-पिता से पूछकर करें।उपाय: कुल देवता और ब्राह्मण की सेवा करें।
20शुभ: खोई हुई चीज़ मिल जाएगी और पैसे की समस्या भी दूर होगी।उपाय: शनिवार को शनिदेव का पूजन करें।
21शुभ: जो भी काम करेंगे, उसमें सफलता मिलेगी। विदेश यात्रा के योग भी हैं।उपाय: श्री गणेश का पूजन करें।
22धीरज रखें: घर में कलह रहती हो तो रोज़ भगवान की पूजा करें और माता-पिता की सेवा करें, शांति मिलेगी।
23शुभ: समस्याएं जल्दी दूर होंगी। बस अपने काम में मन लगाएं।उपाय: भगवान शंकर की पूजा करें।
24धीरज रखें: ग्रह अनुकूल नहीं हैं।उपाय: रोज़ नवग्रह की पूजा करें, समस्याएं घटेंगी और लाभ होगा।
25धीरज रखें: पैसे की तंगी से घर में क्लेश है, जो कुछ दिनों में दूर होगा।उपाय: रोज़ माँ लक्ष्मी की पूजा करें।
26धीरज रखें: मन में बुरे विचार आ रहे हों तो उन्हें छोड़ दें।उपाय: घर में सत्यनारायण कथा कराएं।
27सावधान: अभी जो काम कर रहे हैं, वह आपके लिए ठीक नहीं है। कोई दूसरा काम सोचें।उपाय: कुल देवता का पूजन करें।
28शुभ: घर में तनाव नहीं रहेगा और धन लाभ होगा।उपाय: पीपल के पेड़ की पूजा करके दीपक जलाएं।
29शुभ: मनचाही सफलता मिलेगी और घर में सुख-शांति रहेगी।उपाय: रोज़ विष्णु, शिव और ब्रह्मा की पूजा करें।
30धीरज रखें: नौकरी या व्यापार में थोड़ी सावधानी रखें, तब सफलता मिलेगी।उपाय: रविवार का व्रत रखें और सूर्य की पूजा करें।
31शुभ: व्यापार में लाभ होगा और घर में खुशहाली रहेगी।उपाय: छोटे बच्चों को मिठाई बाँटें।
32शुभ: आप बेकार चिंता कर रहे हैं। सब ठीक हो रहा है।उपाय: गाय को चारा खिलाएं।
33शुभ: आपकी हर इच्छा पूरी होगी।उपाय: माता-पिता की सेवा करें, ब्राह्मण को भोजन कराएं और श्री राम की पूजा करें।
34शुभ: मनोकामना पूरी होगी, घर में अन्न-धन और परिवार बढ़ेगा।उपाय: कुत्ते को तेल चुपड़ी रोटी खिलाएं।
35सावधान: हालात अभी आपके पक्ष में नहीं हैं। जो भी करें, बड़ों की सलाह लेकर करें।उपाय: भगवान दत्तात्रेय का पूजन करें।
36धीरज रखें: धीरज रखें, हर मुश्किल दूर होगी।उपाय: रोज़ श्री गणेश को दूर्वा चढ़ाकर पूजा करें।
37शुभ: जो काम कर रहे हैं, उसे जारी रखें। आगे चलकर इसी में लाभ होगा।उपाय: भगवान विष्णु का पूजन करें।
38धीरज रखें: लगातार पैसे के नुकसान से परेशान हैं तो घबराएं नहीं, जल्दी अच्छा समय आएगा।उपाय: मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
39धीरज रखें: कष्ट दूर होंगे और सफलता मिलेगी, पर पहले पूजा का संकल्प पूरा करें।उपाय: भगवान सत्यनारायण की कथा कराएं।
40शुभ: खेती और व्यापार में लाभ होगा और हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी।उपाय: हनुमान जी की पूजा करें।
41शुभ: धन मिलेगा, परिवार बढ़ेगा और चिंताएं दूर होंगी।उपाय: कुलदेवी का पूजन करें।
42शुभ: जल्दी सफलता मिलने वाली है। माता-पिता और मित्रों का साथ मिलेगा।उपाय: खर्च कम करें और गरीबों को दान दें।
43शुभ: रुका हुआ काम पूरा होगा और पैसे की दिक्कतें दूर होंगी। फैसला सोच-समझकर लें।उपाय: श्री कृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
44शुभ: बिगड़ते काम बन जाएंगे।उपाय: धार्मिक कामों में मन लगाएं और रोज़ पूजा करें।
45शुभ: धीरज रखें, बेकार की चिंता में समय न गंवाएं। मनचाहा फल मिलेगा।उपाय: ईश्वर का ध्यान करें।
46शुभ: किसी धार्मिक यात्रा पर जाना पड़ सकता है, उससे लाभ होगा।उपाय: रोज़ गायत्री मंत्र जपें।
47शुभ: शत्रुओं का डर नहीं रहेगा और मनोकामना पूरी होगी।उपाय: रोज़ सूर्य को अर्घ्य दें।
48शुभ: जो कर रहे हैं, वही करते रहें। पुराने मित्रों से मिलना फायदेमंद रहेगा।उपाय: पीपल को रोज़ जल चढ़ाएं।
49धीरज रखें: समस्या पैसे की हो तो वह दूर होगी।उपाय: रोज़ श्रीसूक्त का पाठ करें और लक्ष्मी जी की पूजा करें।
50शुभ: आपका हक आपको ज़रूर मिलेगा। घबराएं नहीं, मन लगाकर काम करें।उपाय: रोज़ पूजा करें।
51शुभ: जो व्यापार करना चाहते हैं, उसी में सफलता मिलेगी। पैसे के लिए कोई गलत काम न करें।उपाय: रोज़ ज़रूरतमंदों को दान दें।
52शुभ: एक महीने में मुश्किलें घटेंगी और सफलता मिलने लगेगी।उपाय: कन्याओं को भोजन कराएं।
53शुभ: विदेश जाने की सोच रहे हैं तो ज़रूर जाएं, सफलता वहीं है।उपाय: श्री गणेश की आराधना करें।
54धीरज रखें: हर काम किसी से पूछकर करें, वरना नुकसान हो सकता है। मुश्किल से घबराएं नहीं, सफलता मिलेगी।
55शुभ: लाभ होगा और मनोकामना पूरी होगी।उपाय: मंदिर में रोज़ दीपक जलाएं।
56धीरज रखें: परिवार में किसी की बीमारी से चिंता है तो वह कुछ दिनों में दूर होगी।उपाय: रोज़ महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
57सावधान: समय अनुकूल नहीं है। अपने काम पर ध्यान दें।उपाय: तरक्की के लिए रोज़ गाय को रोटी खिलाएं।
58शुभ: आपके भाग्य में धन और सब सुविधाएं हैं। थोड़ा धीरज रखें।उपाय: लक्ष्मी जी को नारियल चढ़ाएं।
59शुभ: सोचा हुआ काम ज़रूर होगा, पर किसी का सहयोग लेना पड़ सकता है।उपाय: शनिदेव की उपासना करें।
60धीरज रखें: परिवार से मनमुटाव छोड़ें, तभी सफलता मिलेगी।उपाय: रोज़ हनुमान मंदिर में चौमुखी दीपक जलाएं।
61शुभ: करियर की चिंता है तो श्री गणेश की कृपा से लाभ होगा।उपाय: श्री गणेश की पूजा करें।
62शुभ: रुके हुए काम बन जाएंगे।उपाय: रोज़ शिव मंदिर में एक लोटा जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं।
63सावधान: जिस काम के बारे में पूछ रहे हैं, वह शुभ नहीं है। उसके बारे में सोचना छोड़ दें।उपाय: नवग्रह की पूजा करें।
64धीरज रखें: आप कई परेशानियों से घिरे हैं, जो धीरे-धीरे अपने आप सुलझेंगी।उपाय: रोज़ आटे की गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं।

गणेश प्रश्नावली: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेश प्रश्नावली के लिए कौन सा मंत्र बोलें?

"ॐ गं गणपतये नमः", ग्यारह बार, मन में या बोलकर। यह गणेश जी का बीज मंत्र है और पूछने से पहले ज़्यादातर परिवार यही बोलते हैं।

क्या परीक्षा या नौकरी के प्रश्न गणेश प्रश्नावली से पूछ सकते हैं?

हाँ। पढ़ाई, नौकरी या व्यापार जैसी किसी शुरुआत से जुड़े प्रश्न ही लोग सबसे ज़्यादा गणेश जी से पूछते हैं।

कुछ उत्तरों में शनिदेव या हनुमान जी का नाम क्यों है?

उपाय लोक-परंपरा से आते हैं, जिसमें हर तरह की परेशानी के लिए अलग देवता की पूजा बताई जाती है। गणेश जी सबसे पहले पूजे जाते हैं, और उपाय आगे किसी और देवता की ओर ले जा सकता है।

क्या उपाय ठीक वैसा ही करना ज़रूरी है?

जितना सच्चे मन से कर सकें, उतना करें। कोई उपाय संभव न हो तो उसी दिन सच्ची प्रार्थना और थोड़ा दान उसका भाव निभा देता है।

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प्रश्नावली भक्ति का मार्गदर्शन है, भविष्यवाणी नहीं। सेहत, पैसे या कानून से जुड़े फैसलों में किसी जानकार की सलाह भी लें।

चित्र: रवि वर्मा प्रेस के लगभग 1910 के छापे, सार्वजनिक डोमेन (विकिमीडिया कॉमन्स)।