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हनुमान प्रश्नावली

हनुमान प्रश्नावली 49 अंकों का एक त्रिकोण है। हनुमान जी का मंत्र बोलकर, मन में एक प्रश्न रखकर किसी अंक को छुएं। हर अंक का उत्तर तय है और कई उत्तरों के साथ एक उपाय भी है, जैसे मंगलवार का व्रत या हनुमान चालीसा का पाठ।

प्रश्न पूछने के लिए किसी भी अंक को छुएं।

  1. हो सके तो स्नान करके चक्र के सामने बैठें। पहले श्री राम, फिर हनुमान जी को याद करें।
  2. नीचे दिया मंत्र ग्यारह बार बोलें।
  3. मन में एक प्रश्न रखें, आँखें बंद करें और किसी अंक को छुएं।

मंत्र: ॐ हं हनुमते नमः, 11 बार बोलें

प्रश्न पूछने के लिए किसी भी अंक को छुएं।

हनुमान प्रश्नावली कैसे काम करती है?

चक्र सात पंक्तियों का एक त्रिकोण है, ऊपर एक खाना और नीचे तेरह, कुल 49 खाने। हर खाने में 1 से 49 तक का एक अंक है और हर अंक के आगे एक उत्तर लिखा है। इसमें कोई गिनती या हिसाब नहीं होता: जिस अंक पर उंगली रुके, वही आपका उत्तर है।

कुछ उत्तर सीधे हाँ, ना या "रुकिए" कहते हैं। आधे से ज़्यादा उत्तरों के साथ एक उपाय जुड़ा है। ज़्यादातर उपाय हनुमान जी से जुड़े हैं: मंगलवार का व्रत, चालीसा, बजरंग बाण, या मंदिर में सिंदूर का चोला। कुछ उपाय राम जी, शिव जी या देवी की ओर ले जाते हैं, क्योंकि यह चक्र हनुमान जी को सबसे पहले राम जी का सेवक मानता है।

हनुमान प्रश्नावली कहाँ से आई?

यह चक्र राम शलाका की तरह घरों में देखी जाने वाली प्रश्नावलियों में से एक है। दशकों से यह हिंदी पंचांगों और भक्ति की पुस्तिकाओं में हनुमान प्रश्नावली चक्र या हनुमान ज्योतिष के नाम से छपता आया है। इसे किसने और कब बनाया, यह दर्ज नहीं है। जो तय है वह उत्तरों की सूची है: जितने पुराने स्रोत हमने मिलाए, सबमें 49 उत्तर अंक-दर-अंक एक ही बात कहते हैं।

हमने अपनी सूची को उन स्रोतों से एक-एक अंक मिलाया, फिर हिंदी और अंग्रेज़ी में अपने शब्दों में लिखा। जहाँ किसी उपाय के ब्योरे में स्रोत अलग थे, वहाँ हमने वही हिस्सा रखा जो सबमें एक जैसा है।

हनुमान जी से प्रश्न पूछने का सबसे अच्छा दिन कौन सा है?

मंगलवार हनुमान जी का दिन है और शनिवार को भी उनके भक्त विशेष पूजा करते हैं। इन दोनों दिनों में, सुबह के समय पूछना आम रीति है। बहुत लोग सुबह की पूजा के बाद, ब्रह्म मुहूर्त में या उसके कुछ देर बाद चक्र देखते हैं।

जल्दबाज़ी या गुस्से में प्रश्न न पूछें। अगर उत्तर के भरोसे आप यात्रा या इंटरव्यू जैसा कोई काम शुरू करने वाले हैं, तो अपने शहर का चौघड़िया देख लें कि दिन का कौन सा समय शुरुआत के लिए अच्छा है।

उपाय को कैसे निभाएं?

उपाय को ऐसा संकल्प मानें जो आप खुद से करते हैं, कोई फीस नहीं जो चुकानी है। उत्तर ग्यारह मंगलवार के व्रत को कहे तो सेहत जितना साथ दे, उतना निभाएं। जो व्रत नहीं रख सकते, वे उस दिन पूजा करके किसी ज़रूरतमंद को भोजन करा सकते हैं। इनमें से कोई उपाय कुछ खरीदने को नहीं कहता।

अगर उत्तर ना कहे, तो योजना को एक बार फिर देखें। हनुमान जी हिम्मत और सेवा के लिए याद किए जाते हैं, और उपाय भी यही कहते हैं: प्रार्थना करें और अपना काम करते रहें।

हनुमान प्रश्नावली के सभी 49 उत्तर

हर अंक और उसका उत्तर, जैसा चक्र में है। पहले प्रश्न पूछें, फिर पढ़ें।

हनुमान प्रश्नावली के सभी 49 उत्तर
अंकउत्तर
1शुभ: आपका सोचा हुआ काम ज़रूर पूरा होगा और सफलता मिलेगी।उपाय: रोज़ श्री राम का नाम जपें।
2धीरज रखें: काम होगा, पर इसमें समय लगेगा।उपाय: मंगलवार का व्रत रखें। परंपरा में 11 मंगलवार बताए गए हैं।
3धीरज रखें: काम में अभी देरी के योग हैं।उपाय: रोज़ श्रद्धा से हनुमान चालीसा का पाठ करें, काम में गति आएगी।
4सावधान: यह काम पूरा नहीं होगा। ज़बरदस्ती आगे बढ़ाने पर नुकसान हो सकता है।
5शुभ: काम जल्दी पूरा होगा, पर किसी दूसरे व्यक्ति की मदद लेनी होगी।उपाय: भगवान राम की पूजा करें।
6धीरज रखें: कोई व्यक्ति आपके काम में रोड़ा अटका रहा है, इसलिए बात नहीं बन रही।उपाय: रोज़ बजरंग बाण का पाठ करें।
7शुभ: यह काम किसी स्त्री की मदद से बनेगा। किसी परिचित महिला से सहायता लें।उपाय: श्री राम और माता जानकी की पूजा करें।
8सावधान: यह काम नहीं होगा। इसकी चिंता छोड़कर कोई दूसरा रास्ता चुनें।
9धीरज रखें: काम सिद्ध होने के लिए आपको यात्रा करनी पड़ेगी।उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
10शुभ: मनोकामना पूरी होगी।उपाय: मंगलवार का व्रत रखें और हनुमान जी को चोला चढ़ाएं।
11शुभ: आपकी मनोकामना जल्दी पूरी होगी।उपाय: सुन्दरकाण्ड का पाठ करें।
12सावधान: आपके विरोधी बहुत हैं और वे काम नहीं होने देना चाहते।
13धीरज रखें: लगभग एक महीने बाद काम बनेगा।उपाय: पीपल के पेड़ की पूजा करें और उसकी जड़ में जल चढ़ाएं।
14शुभ: आपको जल्दी लाभ होने वाला है।उपाय: मंगलवार को गाय को गुड़ और चना खिलाएं।
15शुभ: सेहत अच्छी रहेगी और मन की चिंताएं दूर होंगी।
16शुभ: परिवार बढ़ेगा।उपाय: माता-पिता की सेवा करें और रामचरितमानस के बालकाण्ड का पाठ करें।
17धीरज रखें: कुछ दिन चिंता बनी रहेगी।उपाय: रोज़ "ॐ हं हनुमते नमः" की एक माला जपें।
18शुभ: हनुमान जी के दर्शन और पूजा से मनोकामना पूरी होगी।उपाय: हनुमान जी के मंदिर जाकर दर्शन करें।
19शुभ: व्यापार से लाभ होगा। दक्षिण दिशा में व्यापार के संबंध बढ़ाएं।
20शुभ: कर्ज़ से छुटकारा मिलेगा, रुका हुआ धन आएगा और मन खुश रहेगा।उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
21शुभ: श्री राम की कृपा से धन मिलेगा।उपाय: रोज़ "सीताराम" नाम की पाँच माला जपें।
22धीरज रखें: अभी कठिनाइयां आएंगी, पर अंत में जीत आपकी होगी।
23सावधान: अभी आपके दिन ठीक नहीं चल रहे।उपाय: रोज़ हनुमान जी की पूजा करें और मंगलवार को चोला चढ़ाएं, संकट टलेंगे।
24सावधान: आपके घर के लोग ही इस बात के विरोध में हैं।उपाय: उन्हें अपने पक्ष में करने के लिए पूर्णिमा का व्रत रखें।
25शुभ: आपको जल्दी कोई शुभ समाचार मिलेगा।
26धीरज रखें: हर काम सोच-समझकर करें। जल्दबाज़ी में नुकसान हो सकता है।
27शुभ: किसी स्त्री के माध्यम से लाभ होगा।उपाय: दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
28धीरज रखें: अभी कुछ महीने परेशानी रहेगी, उसके बाद हालात सुधरेंगे।
29धीरज रखें: काम सिद्ध होने में अभी देर है। धीरज रखें।
30सावधान: आपके अपने कुछ मित्र ही धोखा दे सकते हैं।उपाय: सोमवार का व्रत रखें।
31शुभ: संतान से सुख मिलेगा।उपाय: शिव जी की आराधना करें और शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करें।
32सावधान: विरोधी आपको परेशान कर रहे हैं।उपाय: रोज़ पार्थिव शिवलिंग की पूजा करके शिव ताण्डव स्तोत्र पढ़ें, और सोमवार को किसी ब्राह्मण को भोजन कराएं।
33सावधान: सावधान रहें, कोई स्त्री आपको धोखा देना चाहती है।
34सावधान: आपके भाई-बंधु ही विरोध कर रहे हैं।उपाय: गुरुवार का व्रत रखें।
35शुभ: नौकरी में लाभ होगा और पदोन्नति हो सकती है।उपाय: पूर्णिमा का व्रत रखकर सत्यनारायण कथा कराएं।
36शुभ: यात्रा शुभ रहेगी। आपके अच्छे दिन आ गए हैं।
37धीरज रखें: संतान को लेकर चिंता रह सकती है।उपाय: रोज़ राम नाम की पाँच माला जपें।
38धीरज रखें: अभी कुछ दिन और परेशानी रहेगी।उपाय: अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य और कीर्तन करें।
39शुभ: सरकारी काम और मुकदमे में सफलता मिलेगी।उपाय: श्री सीताराम की पूजा करें।
40शुभ: बहुत जल्दी आपको यश मिलेगा।उपाय: हनुमान जी की उपासना करें और राम नाम जपें।
41शुभ: आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
42सावधान: अभी समय अच्छा नहीं है।
43सावधान: पैसे की तंगी का सामना करना पड़ेगा।
44शुभ: आपको धन मिलेगा।
45शुभ: दांपत्य जीवन में सुख मिलेगा।
46शुभ: संतान का सुख मिलने वाला है।
47धीरज रखें: अभी दुर्भाग्य पूरी तरह गया नहीं है, फिर भी विदेश यात्रा से लाभ होगा।
48शुभ: अच्छा समय आने वाला है। समाज और व्यापार दोनों में लाभ होगा।
49शुभ: आपका समय बहुत अच्छा आ रहा है और हर मनोकामना पूरी होगी।

हनुमान प्रश्नावली: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न से पहले मंत्र कितनी बार बोलना चाहिए?

"ॐ हं हनुमते नमः" ग्यारह बार बोलना आम रीति है। कुछ परिवार पहले तुलसी की माला पर 108 बार "राम" जपते हैं, क्योंकि हनुमान जी राम नाम से प्रसन्न होते हैं।

क्या किसी और के लिए हनुमान प्रश्नावली से पूछ सकते हैं?

हाँ, अगर आप उनकी भलाई के लिए पूछ रहे हैं। एक ही प्रश्न रखें, और उन्हें बताएं कि यह उत्तर प्रार्थना है, भविष्यवाणी नहीं।

क्या "ना" वाला उत्तर अशुभ होता है?

नहीं। कठिन उत्तर रुकने या रास्ता बदलने का इशारा है। बहुत भक्त इसे हनुमान जी का किसी भूल से बचाना मानते हैं।

एक दिन में कितने प्रश्न पूछ सकते हैं?

एक बार में एक प्रश्न, और दिन भर में तीन से ज़्यादा नहीं। एक ही प्रश्न उसी दिन दोबारा न पूछें।

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प्रश्नावली भक्ति का मार्गदर्शन है, भविष्यवाणी नहीं। सेहत, पैसे या कानून से जुड़े फैसलों में किसी जानकार की सलाह भी लें।

चित्र: रवि वर्मा प्रेस के लगभग 1910 के छापे, सार्वजनिक डोमेन (विकिमीडिया कॉमन्स)।