पंचांग में दिन सूर्योदय (सुबह 6:30) पर बदलता है, इसलिए यहां “कल” का मतलब बुधवार, 4 नवंबर है।
आगरा में कल का राहु काल
कल का राहुकाल · राहुकालम
सूर्योदय सुबह 6:30सूर्यास्त शाम 5:33सूर्यास्त शाम 5:33सूर्योदय सुबह 6:31
दोपहर 12:01 – दोपहर 1:24
राहु काल: इस समय नया काम शुरू न करें
राहु काल
दोपहर 12:01 – दोपहर 1:24दोपहर 12:01 – 1:24
नया काम टालें
यमगंड काल
सुबह 7:53 – सुबह 9:16सुबह 7:53 – 9:16
शुरुआत टालें
गुलिक काल
सुबह 10:38 – दोपहर 12:01सुबह 10:38 – दोपहर 12:01
शुरुआत टालें
अभिजीत मुहूर्त
कल नहीं
बुधवार को नहीं माना जाता
आगरा में इस सप्ताह राहु काल
दिन के हिसाब से राहु काल का समय बदलता है। कल का दिन नीचे दिखाया गया है:
आगरा में कल के राहु काल से जुड़े और सवाल
आगरा में कल राहु काल कब खत्म होगा?
कल बुधवार को दोपहर 1:24 पर। इसके बाद सूर्यास्त (शाम 5:33) तक 4 घंटे 9 मिनट का समय राहु काल से खाली है, इसलिए जो काम रोका था वह दोपहर 1:24 के बाद शुरू कर सकते हैं। सूर्यास्त के बाद राहु काल नहीं होता।
आगरा में कल नया काम शुरू करने का अच्छा समय कब है?
राहु काल से बाहर पहला शुभ चौघड़िया लाभ है, सुबह 6:30 – सुबह 7:53। कल बुधवार है, इसलिए अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता। दिन और रात के सारे शुभ समय ऊपर की तालिका में हैं।
आगरा में कल यमगंड और गुलिक काल कब है?
यमगंड सुबह 7:53 – सुबह 9:16 और गुलिक काल सुबह 10:38 – दोपहर 12:01 रहेगा। ये भी दिन के आठ भागों में से एक-एक भाग हैं, बस वार की तालिका अलग है, इसलिए दोनों में से कोई भी राहु काल (दोपहर 12:01 – दोपहर 1:24) पर नहीं पड़ता। तीनों में सबसे ज्यादा राहु काल ही माना जाता है।
आधी रात के बाद देखें तो आगरा में “कल” कौन सा दिन है?
पंचांग का दिन आधी रात को नहीं, सूर्योदय पर बदलता है। आधी रात से सूर्योदय तक का समय पिछले दिन का ही गिना जाता है, इसलिए इस पेज पर “कल” का मतलब अगले सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है: बुधवार, सुबह 6:30 से। रात में राहु काल होता ही नहीं, इसलिए तड़के के घंटों में कुछ छूटता नहीं।
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आगरा में कल के बाकी समय
- चौघड़ियासूर्योदय, सुबह 6:30 सेदिन और रात के आठ-आठ भाग, जिनसे शुभ और अशुभ समय देखा जाता है।
- ब्रह्म मुहूर्तशुभसुबह 4:46 – सुबह 5:38सूर्योदय से पहले का समय, जो पूजा-पाठ, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा है।
- दुर्मुहूर्तवर्जितसुबह 11:39 – दोपहर 12:23दिन का अशुभ समय, जिसमें नया काम शुरू करने से बचा जाता है।
- होरासूर्योदय, सुबह 6:30 सेदिन और रात की 24 होरा, जिनमें हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।