बड़े शहरों में कल का राहु काल
हर शहर के सूर्योदय के अनुसारअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अपने शहर का कल का राहु काल कैसे देखें?
इस पेज पर ऊपर सर्च में अपना शहर चुनें। वह उस शहर का कल वाला पेज खोलेगा, जिसमें राहु काल, यमगंड और गुलिक काल उसी शहर के सूर्योदय से निकाले गए हैं। चुना हुआ शहर याद रहता है, इसलिए अगली बार वही खुलेगा। 11,800 से ज्यादा शहर और कस्बे शामिल हैं।
क्या कल का राहु काल हर शहर में एक ही समय पर होता है?
नहीं। दिन का हिस्सा वही रहता है, क्योंकि वार एक है, पर घड़ी का समय हर शहर के सूर्योदय के साथ चलता है। कल कोलकाता में सूर्योदय अहमदाबाद से करीब 64 मिनट पहले होगा, और राहु काल भी करीब उतना ही पहले शुरू होगा। दिन की लंबाई भी शहर के हिसाब से थोड़ी बदलती है।
क्या रात में भी राहु काल होता है?
नहीं। राहु काल सिर्फ दिन के समय, सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच माना जाता है। सूर्यास्त के बाद राहु काल नहीं होता, इसलिए रात में किसी काम के लिए इसे देखने की जरूरत नहीं है। रात के शुभ और अशुभ समय के लिए रात का चौघड़िया देखा जाता है।
आधी रात के बाद देखें तो कल का मतलब कौन सा दिन है?
पंचांग का दिन सूर्योदय से बदलता है, आधी रात से नहीं। इसलिए आधी रात से सूर्योदय तक यह पेज वही दिन दिखाता है जो सूर्योदय पर शुरू होने वाला है। राहु काल वैसे भी दिन में ही होता है, तो तड़के देखने पर भी यही समय आपके आने वाले दिन का है।
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शहर अनुसार कल का राहु काल
हर शहर के सूर्योदय के हिसाब से समय बदलता है। अपना शहर चुनें:
आज के बाकी पंचांग समय
- चौघड़ियादिन और रात के आठ-आठ भाग, जिनसे शुभ और अशुभ समय देखा जाता है।
- अभिजीत मुहूर्तसर्वोत्तमदोपहर का वह समय जो किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
- ब्रह्म मुहूर्तशुभसूर्योदय से पहले का समय, जो पूजा-पाठ, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा है।
- यमगंड कालवर्जितदिन का दूसरा अशुभ समय, जिसमें नए काम और यात्रा से बचा जाता है।
- गुलिक कालदिन का वह समय, जिसमें किए गए काम के दोहराए जाने की मान्यता है।
- दुर्मुहूर्तवर्जितदिन का अशुभ समय, जिसमें नया काम शुरू करने से बचा जाता है।
- होरादिन और रात की 24 होरा, जिनमें हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।