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बुधवार, 4 नवंबर 2026

कल का राहु काल

कल का राहुकाल · राहुकालम · कल का राहु काल समय

कल बुधवार है: हर शहर में राहु काल दिन के पांचवें हिस्से में पड़ेगा। घड़ी का समय आपके शहर के सूर्योदय से तय होता है।

कल का क्रम, हर शहर में यही

कल की पूरी तालिका के लिए अपना शहर चुनें।

बड़े शहरों में कल का राहु काल

हर शहर के सूर्योदय के अनुसार

चेन्नई

सुबह 11:52 – दोपहर 1:20

नया काम टालें

चेन्नई में राहु काल →

बेंगलुरु

दोपहर 12:03 – दोपहर 1:30

नया काम टालें

बेंगलुरु में राहु काल →

हैदराबाद

दोपहर 12:00 – दोपहर 1:26

नया काम टालें

हैदराबाद में राहु काल →

नई दिल्ली

दोपहर 12:05 – दोपहर 1:27

नया काम टालें

नई दिल्ली में राहु काल →

मुंबई

दोपहर 12:22 – दोपहर 1:47

नया काम टालें

मुंबई में राहु काल →

कोलकाता

सुबह 11:20 – दोपहर 12:44

नया काम टालें

कोलकाता में राहु काल →

पुणे

दोपहर 12:18 – दोपहर 1:44

नया काम टालें

पुणे में राहु काल →

अहमदाबाद

दोपहर 12:23 – दोपहर 1:47

नया काम टालें

अहमदाबाद में राहु काल →

कल का राहु काल क्या है?

कल का राहु काल यानी आने वाले दिन का वह करीब डेढ़ घंटा, जिसमें नया काम, सौदा या सफर शुरू नहीं किया जाता। लोग इसे रात में ही देख लेते हैं, ताकि सुबह की मीटिंग, गाड़ी की डिलीवरी या गृह प्रवेश का समय पहले से बच जाए। हर शहर का समय अलग होता है, क्योंकि यह उसी शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलता है।

ऊपर अपना शहर चुनें, या नीचे दिए किसी शहर पर जाएं। कल राहु काल दिन का कौन सा हिस्सा लेगा, यह हर जगह एक ही है; बस घड़ी का समय हर शहर के सूर्योदय के साथ आगे-पीछे होता है।

कल का राहु काल आज वाले समय पर क्यों नहीं होता?

राहु काल हर वार दिन का एक तय आठवां हिस्सा लेता है, और यह हिस्सा वार के साथ बदलता है। आज मंगलवार है, इसलिए राहु काल दिन के सातवें हिस्से में था। कल बुधवार है, तो यह पांचवें हिस्से में आएगा। इसी वजह से कल का राहु काल आज के समय से करीब 2 घंटे 45 मिनट पहले शुरू होगा, और आज का समय देखकर कल का काम तय करना गलत होगा।

किस वार को राहु काल दिन के किस हिस्से में होता है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को आठ बराबर हिस्सों में बांटा जाता है। नीचे की तालिका में मोटा समय सुबह 6 से शाम 6 बजे वाले दिन का है; असली समय आपके शहर के उस दिन के सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलता है।

वारदिन का हिस्सा6 से 6 वाले दिन में
सोमवारदूसरासुबह 7:30 – 9:00
मंगलवारसातवांदोपहर 3:00 – 4:30
बुधवारपांचवांदोपहर 12:00 – 1:30
गुरुवारछठादोपहर 1:30 – 3:00
शुक्रवारचौथासुबह 10:30 – दोपहर 12:00
शनिवारतीसरासुबह 9:00 – 10:30
रविवारआठवांशाम 4:30 – 6:00

कल के राहु काल के हिसाब से दिन कैसे तय करें?

जो काम नई शुरुआत है, जैसे गाड़ी या सोना खरीदना, नया कारोबार, गृह प्रवेश या किसी जरूरी सफर पर निकलना, उसे राहु काल से पहले या उसके खत्म होने के बाद रखें। रोज के काम, नौकरी पर जाना और पहले से चल रहा काम राहु काल में भी चलते रहते हैं। शुभ समय चुनने के लिए कल का चौघड़िया देखें, और क्या करें, क्या नहीं, यह राहु काल के नियम में विस्तार से है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपने शहर का कल का राहु काल कैसे देखें?

इस पेज पर ऊपर सर्च में अपना शहर चुनें। वह उस शहर का कल वाला पेज खोलेगा, जिसमें राहु काल, यमगंड और गुलिक काल उसी शहर के सूर्योदय से निकाले गए हैं। चुना हुआ शहर याद रहता है, इसलिए अगली बार वही खुलेगा। 11,800 से ज्यादा शहर और कस्बे शामिल हैं।

क्या कल का राहु काल हर शहर में एक ही समय पर होता है?

नहीं। दिन का हिस्सा वही रहता है, क्योंकि वार एक है, पर घड़ी का समय हर शहर के सूर्योदय के साथ चलता है। कल कोलकाता में सूर्योदय अहमदाबाद से करीब 64 मिनट पहले होगा, और राहु काल भी करीब उतना ही पहले शुरू होगा। दिन की लंबाई भी शहर के हिसाब से थोड़ी बदलती है।

क्या रात में भी राहु काल होता है?

नहीं। राहु काल सिर्फ दिन के समय, सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच माना जाता है। सूर्यास्त के बाद राहु काल नहीं होता, इसलिए रात में किसी काम के लिए इसे देखने की जरूरत नहीं है। रात के शुभ और अशुभ समय के लिए रात का चौघड़िया देखा जाता है।

आधी रात के बाद देखें तो कल का मतलब कौन सा दिन है?

पंचांग का दिन सूर्योदय से बदलता है, आधी रात से नहीं। इसलिए आधी रात से सूर्योदय तक यह पेज वही दिन दिखाता है जो सूर्योदय पर शुरू होने वाला है। राहु काल वैसे भी दिन में ही होता है, तो तड़के देखने पर भी यही समय आपके आने वाले दिन का है।

शहर अनुसार कल का राहु काल

हर शहर के सूर्योदय के हिसाब से समय बदलता है। अपना शहर चुनें:

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