पंचांग में दिन सूर्योदय (सुबह 6:44) पर बदलता है, इसलिए यहां “कल” का मतलब बुधवार, 4 नवंबर है।
उदयपुर में कल का राहु काल
कल का राहुकाल · राहुकालम
सूर्योदय सुबह 6:44सूर्यास्त शाम 5:53सूर्यास्त शाम 5:53सूर्योदय सुबह 6:44
दोपहर 12:19 – दोपहर 1:42
राहु काल: इस समय नया काम शुरू न करें
राहु काल
दोपहर 12:19 – दोपहर 1:42दोपहर 12:19 – 1:42
नया काम टालें
यमगंड काल
सुबह 8:07 – सुबह 9:31सुबह 8:07 – 9:31
शुरुआत टालें
गुलिक काल
सुबह 10:55 – दोपहर 12:19सुबह 10:55 – दोपहर 12:19
शुरुआत टालें
अभिजीत मुहूर्त
कल नहीं
बुधवार को नहीं माना जाता
उदयपुर में इस सप्ताह राहु काल
दिन के हिसाब से राहु काल का समय बदलता है। कल का दिन नीचे दिखाया गया है:
उदयपुर में कल के राहु काल से जुड़े और सवाल
उदयपुर में कल राहु काल कब खत्म होगा?
कल बुधवार को दोपहर 1:42 पर। इसके बाद सूर्यास्त (शाम 5:53) तक 4 घंटे 11 मिनट का समय राहु काल से खाली है, इसलिए जो काम रोका था वह दोपहर 1:42 के बाद शुरू कर सकते हैं। सूर्यास्त के बाद राहु काल नहीं होता।
उदयपुर में कल नया काम शुरू करने का अच्छा समय कब है?
राहु काल से बाहर पहला शुभ चौघड़िया लाभ है, सुबह 6:44 – सुबह 8:07। कल बुधवार है, इसलिए अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता। दिन और रात के सारे शुभ समय ऊपर की तालिका में हैं।
उदयपुर में कल यमगंड और गुलिक काल कब है?
यमगंड सुबह 8:07 – सुबह 9:31 और गुलिक काल सुबह 10:55 – दोपहर 12:19 रहेगा। ये भी दिन के आठ भागों में से एक-एक भाग हैं, बस वार की तालिका अलग है, इसलिए दोनों में से कोई भी राहु काल (दोपहर 12:19 – दोपहर 1:42) पर नहीं पड़ता। तीनों में सबसे ज्यादा राहु काल ही माना जाता है।
आधी रात के बाद देखें तो उदयपुर में “कल” कौन सा दिन है?
पंचांग का दिन आधी रात को नहीं, सूर्योदय पर बदलता है। आधी रात से सूर्योदय तक का समय पिछले दिन का ही गिना जाता है, इसलिए इस पेज पर “कल” का मतलब अगले सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है: बुधवार, सुबह 6:44 से। रात में राहु काल होता ही नहीं, इसलिए तड़के के घंटों में कुछ छूटता नहीं।
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उदयपुर में कल के बाकी समय
- चौघड़ियासूर्योदय, सुबह 6:44 सेदिन और रात के आठ-आठ भाग, जिनसे शुभ और अशुभ समय देखा जाता है।
- ब्रह्म मुहूर्तशुभसुबह 5:01 – सुबह 5:52सूर्योदय से पहले का समय, जो पूजा-पाठ, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा है।
- दुर्मुहूर्तवर्जितसुबह 11:56 – दोपहर 12:41दिन का अशुभ समय, जिसमें नया काम शुरू करने से बचा जाता है।
- होरासूर्योदय, सुबह 6:44 सेदिन और रात की 24 होरा, जिनमें हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।