पंचांग में दिन सूर्योदय (सुबह 5:56) पर बदलता है, इसलिए यहां “कल” का मतलब बुधवार, 4 नवंबर है।
रांची में कल का राहु काल
कल का राहुकाल · राहुकालम
सूर्योदय सुबह 5:56सूर्यास्त शाम 5:09सूर्यास्त शाम 5:09सूर्योदय सुबह 5:56
सुबह 11:32 – दोपहर 12:56
राहु काल: इस समय नया काम शुरू न करें
राहु काल
सुबह 11:32 – दोपहर 12:56सुबह 11:32 – दोपहर 12:56
नया काम टालें
यमगंड काल
सुबह 7:20 – सुबह 8:44सुबह 7:20 – 8:44
शुरुआत टालें
गुलिक काल
सुबह 10:08 – सुबह 11:32सुबह 10:08 – 11:32
शुरुआत टालें
अभिजीत मुहूर्त
कल नहीं
बुधवार को नहीं माना जाता
रांची में इस सप्ताह राहु काल
दिन के हिसाब से राहु काल का समय बदलता है। कल का दिन नीचे दिखाया गया है:
रांची में कल के राहु काल से जुड़े और सवाल
रांची में कल राहु काल कब खत्म होगा?
कल बुधवार को दोपहर 12:56 पर। इसके बाद सूर्यास्त (शाम 5:09) तक 4 घंटे 12 मिनट का समय राहु काल से खाली है, इसलिए जो काम रोका था वह दोपहर 12:56 के बाद शुरू कर सकते हैं। सूर्यास्त के बाद राहु काल नहीं होता।
रांची में कल नया काम शुरू करने का अच्छा समय कब है?
राहु काल से बाहर पहला शुभ चौघड़िया लाभ है, सुबह 5:56 – सुबह 7:20। कल बुधवार है, इसलिए अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता। दिन और रात के सारे शुभ समय ऊपर की तालिका में हैं।
रांची में कल यमगंड और गुलिक काल कब है?
यमगंड सुबह 7:20 – सुबह 8:44 और गुलिक काल सुबह 10:08 – सुबह 11:32 रहेगा। ये भी दिन के आठ भागों में से एक-एक भाग हैं, बस वार की तालिका अलग है, इसलिए दोनों में से कोई भी राहु काल (सुबह 11:32 – दोपहर 12:56) पर नहीं पड़ता। तीनों में सबसे ज्यादा राहु काल ही माना जाता है।
आधी रात के बाद देखें तो रांची में “कल” कौन सा दिन है?
पंचांग का दिन आधी रात को नहीं, सूर्योदय पर बदलता है। आधी रात से सूर्योदय तक का समय पिछले दिन का ही गिना जाता है, इसलिए इस पेज पर “कल” का मतलब अगले सूर्योदय से शुरू होने वाला दिन है: बुधवार, सुबह 5:56 से। रात में राहु काल होता ही नहीं, इसलिए तड़के के घंटों में कुछ छूटता नहीं।
आगे पढ़ें
रांची में कल के बाकी समय
- चौघड़ियासूर्योदय, सुबह 5:56 सेदिन और रात के आठ-आठ भाग, जिनसे शुभ और अशुभ समय देखा जाता है।
- ब्रह्म मुहूर्तशुभसुबह 4:13 – सुबह 5:05सूर्योदय से पहले का समय, जो पूजा-पाठ, ध्यान और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा है।
- दुर्मुहूर्तवर्जितसुबह 11:10 – सुबह 11:55दिन का अशुभ समय, जिसमें नया काम शुरू करने से बचा जाता है।
- होरासूर्योदय, सुबह 5:56 सेदिन और रात की 24 होरा, जिनमें हर होरा का एक स्वामी ग्रह होता है।