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घर में कौन से पौधे शुभ? मनी प्लांट से नीम तक वास्तु नियम

वास्तु में घर के अंदर और बालकनी के लिए तुलसी, मनी प्लांट, लकी बैंबू, क्रासुला और पारिजात शुभ माने जाते हैं। ज्यादातर पौधे उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व में अच्छे माने जाते हैं, जबकि मनी प्लांट के लिए दक्षिण-पूर्व बताया जाता है। केला ईशान कोण में और शमी दक्षिण या मुख्य द्वार के पास। कांटेदार, दूध वाले और सूखे पौधे घर में नहीं रखे जाते।

पौधों के बारे में वास्तु की सलाह अक्सर दो बातें मिला देती है: धार्मिक मान्यता और पौधे की असली जरूरत। नीम और केले जैसे पेड़ जमीन मांगते हैं, जबकि ज्यादातर लोग फ्लैट में रहते हैं। इसलिए नीचे हर पौधे के साथ यह भी लिखा है कि वह गमले में चलेगा या नहीं।

कौन सा पौधा किस दिशा में लगाएं?

यह तालिका वास्तु जानकारों की सबसे आम सलाह है। कई पौधों पर अलग-अलग मत हैं, जो आगे बताए गए हैं।

पौधा दिशा गमले में? परंपरागत मान्यता
तुलसी उत्तर-पूर्व, उत्तर, पूर्व हां सबसे पवित्र पौधा
मनी प्लांट दक्षिण-पूर्व हां, अंदर भी समृद्धि और बढ़त
लकी बैंबू पूर्व या दक्षिण-पूर्व हां, पानी में सौभाग्य (फेंगशुई से आया)
क्रासुला (जेड) उत्तर या मुख्य द्वार के पास हां धन का प्रतीक
केला उत्तर-पूर्व, उत्तर या पूर्व बड़ा गमला या जमीन गुरु (बृहस्पति) और विष्णु से जुड़ा
शमी दक्षिण, या मुख्य द्वार के बाईं ओर हां शनि से जुड़ा
पारिजात (हरसिंगार) उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व बड़ा गमला या जमीन लक्ष्मी और कृष्ण से जुड़ा
नीम उत्तर-पश्चिम या दक्षिण, घर से थोड़ा दूर नहीं, जमीन आरोग्य

तुलसी के नियमों पर हमारा अलग लेख है: तुलसी का पौधा किस दिशा में लगाएं।

मनी प्लांट किस दिशा में लगाएं, और लकी बैंबू कहाँ रखें?

मनी प्लांट को दक्षिण-पूर्व में रखने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि यह कोना शुक्र और गणेश जी से जोड़ा जाता है। उत्तर-पूर्व में मनी प्लांट रखने से ज्यादातर जानकार मना करते हैं। इसके कुछ और नियम भी घरों में चलते हैं:

  • बेल ऊपर की ओर चढ़े, जमीन पर न लटके। एक छड़ी या धागे का सहारा दें।
  • सूखे और पीले पत्ते तुरंत हटाएं।
  • मनी प्लांट किसी को उपहार में न दें और किसी से मांगकर न लगाएं, यह एक आम लोक मान्यता है। “चुराकर लगाने से बढ़ता है” वाली बात भी सुनी जाती है, पर चोरी को किसी परंपरा का हिस्सा न मानें।

मनी प्लांट कम रोशनी में भी बढ़ता है, इसलिए फ्लैट के अंदर के लिए यह सबसे आसान पौधा है।

लकी बैंबू असल में चीनी फेंगशुई की परंपरा से आया है, भारतीय वास्तु ग्रंथों से नहीं। इसे पूर्व या दक्षिण-पूर्व में, कांच के बर्तन में साफ पानी के साथ रखा जाता है। डंडियों की संख्या पर भी मान्यताएं हैं, जैसे तीन, पांच या सात डंडियां। पानी हर हफ्ते बदलें।

केला, शमी और पारिजात लगाने के नियम क्या हैं?

केला: इसे गुरु (बृहस्पति) और भगवान विष्णु से जोड़ा जाता है, और गुरुवार को केले की पूजा की जाती है। कई वास्तु जानकार केले को ईशान कोण में, या उत्तर-पूर्व की जगह न हो तो उत्तर या पूर्व में लगाने की सलाह देते हैं। दक्षिण-पश्चिम में केला नहीं लगाया जाता। इसे तुलसी के पास लगाना शुभ माना जाता है, और कई परिवार इसे गुरुवार या एकादशी को लगाते हैं।

पर यहां एक मतभेद है। उत्तर भारत के कई परिवारों में मान्यता है कि केला घर के आंगन में या ठीक सामने नहीं, घर के पीछे लगाया जाता है। दोनों मत अपने-अपने इलाकों में माने जाते हैं। व्यावहारिक बात यह है कि केला बड़ा पौधा है और इसे खुली जमीन चाहिए; फ्लैट की बालकनी में यह मुश्किल से पनपता है।

शमी: शमी को शनि देव से जोड़ा जाता है, और दशहरे पर शमी की पूजा की परंपरा है। ज्यादातर जानकार इसे घर के दक्षिण में या मुख्य द्वार के बाहर, निकलते समय बाईं ओर, लगाने की सलाह देते हैं। कई परिवार इसे शनिवार को लगाते हैं और शाम को इसके पास दीया जलाते हैं। शमी गमले में अच्छे से उगता है और इसे ज्यादा पानी नहीं चाहिए।

पारिजात (हरसिंगार): इसके फूल रात में खिलते हैं और सुबह जमीन पर गिर जाते हैं। परंपरा में पारिजात के फूल तोड़े नहीं जाते; जो फूल अपने आप गिरें, वही पूजा में चढ़ाए जाते हैं। इसे उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व में लगाने की सलाह दी जाती है। पारिजात बड़ा झाड़ बनता है, इसलिए बड़ा गमला या जमीन चाहिए।

नीम का पेड़ घर में लगाना चाहिए या नहीं?

नीम को आरोग्य का पेड़ माना जाता है, और गांवों में घर के बाहर नीम का पेड़ बहुत आम है। वास्तु में नीम को उत्तर-पश्चिम या दक्षिण दिशा में, घर से थोड़ी दूरी पर लगाने की सलाह दी जाती है।

नीम से जुड़ी व्यावहारिक बातें भी यही कहती हैं:

  1. नीम बड़ा पेड़ बनता है। इसकी जड़ें नींव और पाइपलाइन तक पहुंच सकती हैं, इसलिए इसे दीवार से सटाकर न लगाएं।
  2. पेड़ की छाया मुख्य द्वार को पूरा न ढके। वास्तु में मुख्य द्वार के ठीक सामने बड़े पेड़ को “द्वार वेध” यानी दरवाजे की रुकावट माना जाता है।
  3. फ्लैट में नीम का पेड़ नहीं, पर सोसायटी के बगीचे में लगाया जा सकता है।

घर में कौन से पौधे नहीं लगाने चाहिए?

वास्तु में इन पौधों को घर के अंदर या मुख्य द्वार के पास न रखने की सलाह दी जाती है:

  • कांटेदार पौधे: कैक्टस और बड़े कांटों वाले पौधे। गुलाब अपवाद है।
  • दूध वाले पौधे: जिनसे सफेद दूध निकलता है, जैसे आक।
  • बोनसाई: कई जानकार इसे बढ़त रुकने का प्रतीक मानते हैं।
  • सूखे और बीमार पौधे: इन्हें तुरंत हटाएं या इलाज करें।
  • बड़े पेड़ घर के अंदर या आंगन में: पीपल, बरगद और इमली को घर के अंदर नहीं लगाया जाता। पीपल पूजनीय है, पर उसकी जड़ें दीवारों को तोड़ देती हैं।
  • कपास और बबूल: कुछ इलाकों में इन्हें घर के पास अशुभ माना जाता है।

दिवाली के आसपास कौन से पौधे घर लाए जाते हैं, यह धनतेरस पर क्या खरीदें में है। मुख्य द्वार पर कौन से फूल न लगाएं, इसके लिए मुख्य द्वार का वास्तु देखें।

पौधों से जुड़े सामान्य सवाल

फ्लैट की बालकनी दक्षिण में है, तो कौन से पौधे रखें?

दक्षिण की बालकनी में दोपहर की तेज धूप आती है। शमी, एलोवेरा और गेंदा जैसे धूप सहने वाले पौधे यहां अच्छे चलते हैं, और शमी के लिए तो दक्षिण दिशा बताई भी जाती है। तुलसी को पूर्व या उत्तर की खिड़की पर रखने की कोशिश करें।

क्या स्नेक प्लांट वास्तु में शुभ है?

स्नेक प्लांट का भारतीय वास्तु ग्रंथों में उल्लेख नहीं है; इसके बारे में ज्यादातर सलाह फेंगशुई से आती है। इसके पत्ते नुकीले होते हैं, इसलिए कुछ लोग इसे बेडरूम में नहीं रखते। यह कम पानी और कम रोशनी में चलने वाला आसान पौधा है।

पौधा सूख जाए तो क्या कोई अपशकुन है?

नहीं। पौधे ज्यादातर पानी, धूप या मौसम की वजह से सूखते हैं। सूखे पौधे को हटाकर नया लगाएं, बस इतना ही।

पौधे लगाने का शुभ दिन कौन सा है?

परंपरा में गुरुवार और एकादशी को केला, शनिवार को शमी, और कार्तिक के महीने में तुलसी लगाना शुभ माना जाता है। बाकी पौधों के लिए कोई खास दिन जरूरी नहीं।

Money plant direction as per vastu क्या है?

वास्तु में मनी प्लांट के लिए दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) दिशा बताई जाती है। उत्तर-पूर्व में इसे रखने से ज्यादातर जानकार मना करते हैं। बेल को ऊपर चढ़ने का सहारा दें और सूखे पत्ते हटाते रहें।

यह लेख बताता है कि पंचांग की परंपरा किसी समय के बारे में क्या कहती है; यह किसी की निजी सलाह नहीं है। ऊपर के पेजों पर समय आपके चुने हुए शहर के हिसाब से निकलता है।

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