धन वास्तु
पैसा क्यों नहीं टिकता? वास्तु में धन कहाँ रखें, कहाँ नहीं
चौघड़िया नाउ · 13 अक्टूबर 2026 को छपा · 7 मिनट में पढ़ें
वास्तु के अनुसार तिजोरी या पैसे की अलमारी घर के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में, दक्षिण की दीवार से सटाकर रखी जाती है, ताकि उसका दरवाजा उत्तर की ओर खुले। उत्तर को कुबेर की दिशा माना जाता है। पैसा सीढ़ी के नीचे, बाथरूम की दीवार से सटी अलमारी में, अंधेरे और सीलन वाली जगह पर नहीं रखा जाता।
“पैसा आता है पर टिकता नहीं” शायद वास्तु से जुड़ी सबसे आम शिकायत है। इस लेख में परंपरा की पूरी बात है: तिजोरी की दिशा, कौन सी जगहें टाली जाती हैं, और कौन से दोष पैसे से जोड़े जाते हैं। पर एक बात शुरू में ही साफ रहे: कोई दिशा या उपाय कमाई या बचत की गारंटी नहीं देता। EMI, खर्च का हिसाब और इमरजेंसी फंड वास्तु से ज्यादा असर डालते हैं, और परंपरा भी अनुशासन की ही बात करती है।
तिजोरी या पैसे की अलमारी (लॉकर) किस दिशा में रखें?
वास्तु में दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) को घर का सबसे भारी और स्थिर कोना माना जाता है। इसलिए कीमती चीजों की तिजोरी के लिए यह पहली पसंद है। उत्तर दिशा कुबेर की मानी जाती है, इसलिए तिजोरी का मुंह उत्तर की ओर खुलना अच्छा माना जाता है।
व्यवहार में इसका मतलब है:
- कमरा: घर के दक्षिण-पश्चिम वाले कमरे में, जो अक्सर मास्टर बेडरूम होता है।
- दीवार: अलमारी दक्षिण की दीवार से सटी हो, ताकि खोलने पर आपका मुंह दक्षिण की ओर और अलमारी का दरवाजा उत्तर की ओर हो। दक्षिण की दीवार न मिले तो पश्चिम की दीवार, जिसमें दरवाजा पूर्व की ओर खुले।
- जमीन से थोड़ा ऊपर: तिजोरी को सीधे फर्श पर न रखकर एक छोटे चबूतरे या लकड़ी के आधार पर रखा जाता है।
- साफ और व्यवस्थित: अंदर पुराने बिल, फटे नोट और कबाड़ न भरें।
कई परिवार तिजोरी में लाल कपड़ा बिछाते हैं, उसमें लक्ष्मी पूजा का सिक्का रखते हैं, और कुछ लोग अंदर एक छोटा आईना लगाते हैं। आईने पर मत अलग हैं: कुछ इसे धन “दोगुना दिखने” का प्रतीक मानते हैं, कुछ इसे बेकार मानते हैं।
घर में पैसा कहाँ नहीं रखना चाहिए?
परंपरा में इन जगहों पर नकद, गहने या कीमती कागज रखने से मना किया जाता है:
- सीढ़ी के नीचे: इसे दबाव और रुकावट की जगह माना जाता है।
- बाथरूम या शौचालय की दीवार से सटी अलमारी में।
- उत्तर-पूर्व (ईशान) में भारी तिजोरी: यह कोना हल्का रखा जाता है।
- दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) में: अग्नि के कोने में पैसा रखना खर्च बढ़ने से जोड़ा जाता है।
- बीम के ठीक नीचे।
- अंधेरी और सीलन वाली जगह पर: यहां कागज और नोट खराब भी होते हैं।
- रसोई में डिब्बों के बीच: कई घरों में आटे या दाल के डिब्बे में पैसा छुपाने का रिवाज है। वास्तु इसे ठीक नहीं मानता, और यह पैसा अक्सर भूल भी जाते हैं।
- बिस्तर पर बिखरा या तकिये के नीचे: सोते समय सिरहाने क्या रखा जाए, इस पर हमारा सोते समय सिरहाने क्या न रखें लेख देखें।
पर्स के बारे में भी कुछ आम बातें मानी जाती हैं: पर्स में पुरानी रसीदें, टिकट और फटे नोट न भरें, और उसे साफ रखें।
कौन से वास्तु दोष पैसा न टिकने से जोड़े जाते हैं?
वास्तु के जानकार इन बातों को अक्सर धन से जोड़ते हैं:
| दोष | मान्यता | असल में क्या करें |
|---|---|---|
| टपकता नल या पाइप | पानी के साथ पैसा बहना | प्लंबर बुलाएं, पानी का बिल भी घटेगा |
| उत्तर दिशा में भारी सामान या बंद दीवार | कुबेर की दिशा रुकी हुई | उत्तर को हल्का और खुला रखें |
| ईशान कोण में शौचालय | सबसे बड़ा दोष | सफाई, बंद दरवाजा, रोशनी |
| मुख्य द्वार गंदा या अंधेरा | आती लक्ष्मी लौट जाती है | सफाई और रोशनी |
| बंद घड़ियां और टूटा सामान | रुका हुआ समय | मरम्मत या हटाएं |
| कबाड़ से भरा घर | नई चीजों के लिए जगह नहीं | महीने में एक बार छंटाई |
इन दोषों के बिना तोड़-फोड़ उपाय हमारे वास्तु दोष के लक्षण और उपाय वाले लेख में हैं, और ईशान कोण के नियम ईशान कोण और दक्षिण दिशा में।
मिट्टी का घड़ा (मटका) किस दिशा में रखें?
गर्मियों में मटके का पानी उत्तर भारत के घरों की पहचान है। वास्तु में पानी के घड़े के लिए उत्तर दिशा सबसे अच्छी मानी जाती है, क्योंकि उत्तर जल और कुबेर दोनों की दिशा है। उत्तर-पूर्व भी अच्छा माना जाता है।
घड़े से जुड़ी कुछ मान्यताएं:
- घड़ा खाली न रहे, उसमें हमेशा पानी भरा हो।
- दक्षिण दिशा में पानी का घड़ा नहीं रखा जाता।
- घड़े को सीधे फर्श पर न रखकर स्टैंड पर रखें, और ढककर रखें।
- चटका हुआ घड़ा तुरंत बदल दें। टूटे घड़े का पानी पौधों में डाल दें।
घड़े का पानी हर दिन या हर दूसरे दिन बदलें और घड़े को हफ्ते में एक बार धोएं, ताकि उसमें काई न जमे।
धन से जुड़ी परंपराएं, जो असल में अच्छी आदतें हैं
बुजुर्गों की कई बातें धन के बारे में वास्तु के नाम से कही जाती हैं, पर वे असल में घर चलाने की समझ हैं:
- शाम को झाड़ू न लगाना और कूड़ा बाहर न फेंकना: इसे लक्ष्मी के आने के समय से जोड़ा जाता है। व्यावहारिक कारण यह था कि अंधेरे में कोई कीमती चीज कूड़े के साथ चली न जाए।
- पैसे को सम्मान देना: नोट को थूक लगाकर न गिनना, पैसा जमीन पर न फेंकना।
- उधार का हिसाब रखना: कई परिवार मंगलवार को कर्ज चुकाना और बुधवार को उधार न देना जैसे नियम मानते हैं।
- दिवाली की सफाई: साल में एक बार पूरी छंटाई, जिसमें खोई चीजें भी मिल जाती हैं।
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धन और वास्तु से जुड़े सामान्य सवाल
क्या तिजोरी में आईना लगाना चाहिए?
यह एक लोक उपाय है जिस पर मत अलग हैं। कुछ लोग इसे शुभ मानते हैं, बाकी इसे जरूरी नहीं मानते। लगाना चाहें तो छोटा आईना अंदर की तरफ लगाएं।
फ्लैट में दक्षिण-पश्चिम कमरा बच्चों का है, तो तिजोरी कहाँ रखें?
अपने कमरे में दक्षिण या पश्चिम की दीवार के साथ रखें, ताकि दरवाजा उत्तर या पूर्व की ओर खुले। कमरे के अंदर की दिशा भी उतनी ही मानी जाती है जितनी पूरे घर की।
क्या बैंक लॉकर पर भी वास्तु लागू होता है?
नहीं। बैंक लॉकर की दिशा आपके हाथ में नहीं होती, और वहां रखा सामान सुरक्षित रहता है। वास्तु के नियम घर में रखी नकदी और गहनों के लिए बताए जाते हैं।
क्या पौधों से पैसा बढ़ता है?
मनी प्लांट और क्रासुला जैसे पौधे समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं। ये घर को सुंदर बनाते हैं, पर इन्हें कमाई का साधन न मानें। पौधों के नियम घर के लिए शुभ पौधे में हैं।
यह लेख बताता है कि पंचांग की परंपरा किसी समय के बारे में क्या कहती है; यह किसी की निजी सलाह नहीं है। ऊपर के पेजों पर समय आपके चुने हुए शहर के हिसाब से निकलता है।
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