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ईशान कोण और दक्षिण दिशा: वास्तु में क्या रखें, क्या नहीं

ईशान कोण घर का उत्तर-पूर्व कोना है। वास्तु शास्त्र में इसे सबसे पवित्र और हल्का कोना माना जाता है, इसलिए यहां पूजा, पानी और खुली जगह रखी जाती है, और शौचालय, भारी अलमारी, कूड़ेदान या जूते नहीं। दक्षिण दिशा इसका उल्टा है: भारी सामान, ऊंची दीवारें और मजबूत फर्नीचर यहां रखना अच्छा माना जाता है।

घर का नक्शा देखने वाला हर वास्तु सलाहकार सबसे पहले इन्हीं दो दिशाओं को देखता है। एक को हल्का और खुला रखने की बात है, दूसरी को भारी और बंद। इस लेख में दोनों दिशाओं के नियम हैं, साथ में तीन रोज के सवाल: दीवार घड़ी कहाँ टांगें, जूते-चप्पल कहाँ रखें, और छत पर क्या न रखें।

ईशान कोण (नॉर्थ ईस्ट) क्या है और इसे इतना खास क्यों माना जाता है?

वास्तु में आठ दिशाएं हैं: चार मुख्य दिशाएं और चार कोने। उत्तर और पूर्व के बीच का कोना ईशान कहलाता है। ईशान भगवान शिव का एक नाम है, और इस कोने को जल तत्व से जोड़ा जाता है।

परंपरा में इसे घर का सबसे शुद्ध हिस्सा माना गया है, क्योंकि सुबह की पहली धूप इसी तरफ से आती है। पुराने घरों में कुआं, हैंडपंप या पानी का घड़ा अक्सर इसी कोने में होता था। वास्तु का सीधा नियम है: यह कोना जितना साफ, खुला और रोशन होगा, उतना अच्छा माना जाएगा।

ध्यान रखें कि दिशा कंपास से देखी जाती है, अंदाज से नहीं। मोबाइल का कंपास ऐप घर के बीच में खड़े होकर खोलें, और फोन को लोहे की अलमारी या फ्रिज से दूर रखें, वरना सुई गलत दिशा दिखा सकती है।

ईशान कोण में क्या रखें और क्या न रखें?

ईशान कोण में रखना अच्छा माना जाता है:

  • घर का मंदिर या पूजा की जगह
  • पानी का घड़ा, फिल्टर या एक्वेरियम
  • तुलसी या कोई छोटा पौधा
  • खुली खिड़की, हल्के रंग के परदे
  • पढ़ाई की मेज, जहां बैठने वाले का मुंह पूर्व या उत्तर की ओर हो

ईशान कोण में नहीं रखा जाता:

  • शौचालय या बाथरूम। वास्तु में इसे सबसे बड़ा दोष माना जाता है।
  • रसोई का चूल्हा
  • भारी लोहे की अलमारी, स्टोर रूम या कबाड़
  • जूते-चप्पल और झाड़ू
  • सीढ़ियां

फ्लैट में अगर ईशान कोण में बाथरूम बना है, तो उसे तोड़ना व्यावहारिक नहीं है। ऐसे में वास्तु के जानकार आमतौर पर यह सुझाते हैं: बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखें, अंदर रोशनी और एग्जॉस्ट फैन चालू रखें, और उसे बिल्कुल साफ रखें। कई लोग वहां कांच की कटोरी में सेंधा नमक रखते हैं, जिसे हर हफ्ते बदलते हैं। यह एक लोक उपाय है; इसका असर नापा नहीं जा सकता, पर इसमें कोई खर्च या नुकसान भी नहीं है।

घर में मंदिर की सही जगह और उससे जुड़े नियम हमारे घर का मंदिर: दिशा, रंग और क्या न रखें वाले लेख में विस्तार से हैं।

दक्षिण दिशा में क्या रखना अच्छा माना जाता है?

दक्षिण दिशा को लेकर लोगों में सबसे ज्यादा डर है। बहुत से लोग दक्षिणमुखी घर खरीदने से भी कतराते हैं। वास्तु में दक्षिण को यम और पितरों की दिशा जरूर माना गया है, पर इसका मतलब यह नहीं कि यह दिशा बुरी है। इस दिशा के नियम बस अलग हैं।

परंपरा कहती है कि दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम को भारी और ऊंचा रखें:

  • भारी फर्नीचर: बड़ी अलमारी, बेड, सोफा और लोहे की तिजोरी दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम की दीवार के साथ रखें।
  • घर के मुखिया का कमरा: दक्षिण-पश्चिम का कमरा परिवार के मुखिया के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
  • पितरों की तस्वीर: दक्षिण की दीवार पर इस तरह लगाई जाती है कि तस्वीर का मुंह उत्तर की ओर रहे। इसके बारे में और घर में कौन सी तस्वीरें लगाएं में लिखा है।
  • सोने की दिशा: सिर दक्षिण की ओर करके सोना वास्तु में सबसे अच्छा माना जाता है।

दक्षिण में क्या न रखें: पानी की टंकी जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड), बड़ी खिड़कियां और खाली खुली जगह, मंदिर, और भगवान की तस्वीरें। दक्षिण में मुख्य द्वार हो तो उसके बारे में अलग नियम हैं, जो मुख्य द्वार का वास्तु में दिए गए हैं।

दीवार घड़ी (वॉल क्लॉक) किस दिशा में लगानी चाहिए?

वास्तु में दीवार घड़ी के लिए उत्तर, पूर्व या पश्चिम की दीवार अच्छी मानी जाती है। उत्तर की दीवार को सबसे अच्छा बताया जाता है। दक्षिण की दीवार पर घड़ी लगाने से ज्यादातर वास्तु जानकार मना करते हैं।

घड़ी से जुड़ी बाकी बातें भी व्यावहारिक हैं:

  1. बंद या टूटी घड़ी घर में न रखें। सेल खत्म हो जाए तो उसी हफ्ते बदल दें।
  2. घड़ी का समय पीछे न रखें। कुछ लोग पांच मिनट आगे रखते हैं, यह चल जाता है।
  3. मुख्य द्वार के ठीक ऊपर घड़ी न लगाएं।
  4. सोते समय सिर के ठीक ऊपर या बेड के सामने बड़ी घड़ी न रखें।

गोल या चौकोर, लकड़ी या धातु, घड़ी का आकार अपनी पसंद से चुनें। पेंडुलम वाली घड़ी को कई लोग शुभ मानते हैं, पर यह पसंद का मामला है।

जूते-चप्पल और शू रैक कहाँ रखें?

जूतों के लिए दक्षिण या पश्चिम की दीवार सबसे ठीक मानी जाती है। जूते-चप्पल को कई परिवार शनि से जोड़ते हैं, और पश्चिम शनि की दिशा मानी जाती है। ईशान कोण और पूर्व में जूतों की रैक नहीं रखी जाती।

कुछ और नियम जो लगभग हर घर में माने जाते हैं:

  • मुख्य द्वार के ठीक सामने जूतों का ढेर न लगाएं। रैक को दरवाजे के एक तरफ रखें, और हो सके तो ढक्कन वाली रैक लें।
  • उल्टे पड़े जूते-चप्पल को तुरंत सीधा कर दें।
  • पूजा घर, रसोई और बेड के नीचे जूते न रखें।
  • फटे और बेकार जूते जमा न करें। जो पहनते नहीं, वे किसी जरूरतमंद को दे दें।

मुंबई या बेंगलुरु के छोटे फ्लैट में जूते अक्सर दरवाजे के बाहर लॉबी में रखने पड़ते हैं। सोसायटी अनुमति दे तो यह ठीक है, बस रैक दरवाजे से थोड़ा हटकर रखें।

छत पर क्या नहीं रखना चाहिए?

छत को अक्सर घर का कबाड़खाना बना दिया जाता है। वास्तु में इसे ठीक नहीं माना जाता। छत पर ये चीजें न रखने की सलाह दी जाती है:

  • टूटा फर्नीचर, पुराने गद्दे और कबाड़
  • बांस या लकड़ी के बेकार टुकड़े
  • जंग लगा लोहा और टूटे बर्तन
  • सूखे पौधों के गमले
  • गंदा पानी, जो जमा होकर सड़े

छत पर पानी की टंकी के लिए दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम का हिस्सा अच्छा माना जाता है, ईशान कोण नहीं। छत साफ रखने का एक सीधा फायदा भी है: बरसात में पानी जमा नहीं होता और मच्छर नहीं पनपते।

वास्तु दोष के बाकी संकेत और आसान उपाय जानने के लिए वास्तु दोष के लक्षण और उपाय पढ़ें।

ईशान कोण और दक्षिण दिशा से जुड़े सामान्य सवाल

क्या दक्षिणमुखी घर अशुभ होता है?

नहीं। वास्तु में किसी भी दिशा के मुख्य द्वार को अपने आप अशुभ नहीं माना जाता। दक्षिणमुखी घर में दरवाजे की सटीक जगह (दक्षिण-पूर्व की ओर या बीच में) देखी जाती है। बहुत से दक्षिणमुखी घरों में परिवार बरसों से अच्छे से रह रहे हैं।

ईशान कोण कटा हुआ हो तो क्या करें?

कई प्लॉट और फ्लैट में उत्तर-पूर्व का कोना कटा या दबा होता है। वास्तु के जानकार इसे दोष मानते हैं। बिना निर्माण बदले, उस हिस्से को खाली, साफ और रोशन रखने की सलाह दी जाती है। घर बनवाने से पहले इसे देखना हो तो प्लॉट या घर खरीदते समय वास्तु पढ़ें।

क्या ईशान कोण में बेडरूम हो सकता है?

हो सकता है, खासकर बच्चों या मेहमानों के लिए। घर के मुखिया का बेडरूम दक्षिण-पश्चिम में अच्छा माना जाता है। ईशान के कमरे में भारी अलमारी दक्षिण-पश्चिम की दीवार पर रखें और उत्तर-पूर्व का कोना खाली छोड़ें।

यह लेख बताता है कि पंचांग की परंपरा किसी समय के बारे में क्या कहती है; यह किसी की निजी सलाह नहीं है। ऊपर के पेजों पर समय आपके चुने हुए शहर के हिसाब से निकलता है।

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