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घर में कौन सी तस्वीरें लगाएं? पितरों और हनुमान जी की तस्वीर

वास्तु के अनुसार पितरों की तस्वीर दक्षिण की दीवार पर इस तरह लगाई जाती है कि उनका मुंह उत्तर की ओर हो; मंदिर और बेडरूम में नहीं। हनुमान जी की तस्वीर के लिए दक्षिण दिशा अच्छी मानी जाती है। घर में युद्ध, डूबती नाव, रोते बच्चे, जंगली जानवरों के शिकार और सूखे पेड़ जैसी तस्वीरें न लगाने की सलाह दी जाती है।

किसी के गुजरने के बाद परिवार उनकी एक अच्छी तस्वीर फ्रेम कराता है, और फिर सवाल आता है कि इसे कहाँ लगाएं। इसी तरह नए घर में दीवारें सजाते समय लोग पूछते हैं कि हनुमान जी की कौन सी तस्वीर लगाएं, या पहाड़ और झरने वाली पेंटिंग किस दीवार पर जाए। इस लेख में यही सवाल हैं, परंपरा के मतभेदों के साथ।

पितरों (पूर्वजों) की तस्वीर घर में किस दिशा में लगाएं?

वास्तु और परंपरा में दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना जाता है। इसलिए दिवंगत परिजनों की तस्वीर घर की दक्षिण दीवार पर लगाई जाती है, ताकि उनका मुंह उत्तर की ओर रहे। श्राद्ध और पितृ पक्ष में तर्पण भी दक्षिण की ओर मुंह करके किया जाता है।

पितरों की तस्वीर के बारे में ये बातें सबसे ज्यादा मानी जाती हैं:

  1. मंदिर में नहीं: भगवान के साथ पूर्वजों की तस्वीर नहीं रखी जाती। परंपरा में दोनों का स्थान अलग माना गया है।
  2. बेडरूम और रसोई में नहीं: ये निजी और रोज के काम की जगहें हैं।
  3. एक ही तस्वीर: एक व्यक्ति की कई तस्वीरें अलग-अलग कमरों में न लगाएं।
  4. जीवित लोगों के साथ नहीं: परिवार की ग्रुप फोटो के बीच या उसके बगल में दिवंगत की अलग फ्रेम न लगाएं।
  5. टांगें या स्टैंड पर रखें: यहां मत अलग हैं। कुछ परिवार मानते हैं कि पितरों की तस्वीर दीवार पर टांगी नहीं जाती, बल्कि लकड़ी के स्टैंड या शेल्फ पर रखी जाती है। कई घरों में तस्वीर दीवार पर ही लगती है। दोनों रिवाज चलते हैं।
  6. मुख्य द्वार के सामने नहीं: घर में आते ही सबसे पहले दिवंगत की तस्वीर दिखे, यह ठीक नहीं माना जाता।

तस्वीर पर चंदन की माला चढ़ाने और पुण्यतिथि पर दीया जलाने की परंपरा है। 2026 में पितृ पक्ष शनिवार, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पूरा हुआ। साल के बाकी व्रत-त्योहारों की तिथियां हमारे 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार लेख में हैं।

हनुमान जी की कौन सी तस्वीर किस दिशा में रखें?

हनुमान जी की तस्वीर के लिए दक्षिण दिशा सबसे अच्छी मानी जाती है। मान्यता है कि हनुमान जी ने दक्षिण दिशा में, लंका की ओर, सबसे ज्यादा पराक्रम दिखाया था। इसलिए दक्षिणमुखी हनुमान को खास माना जाता है, और उनकी तस्वीर दक्षिण की दीवार पर लगाई जाती है।

हनुमान जी के अलग-अलग रूपों की तस्वीरें अलग जगह के लिए बताई जाती हैं:

रूप कहाँ लगाएं मान्यता
बैठे हुए, राम नाम जपते या राम दरबार में पूजा घर या ड्राइंग रूम शांति और भक्ति
पंचमुखी हनुमान मुख्य द्वार के अंदर, या दक्षिण दीवार घर की रक्षा
पर्वत उठाए हुए (संजीवनी) ड्राइंग रूम साहस और संकट से बाहर निकलना
लाल रंग के, बैठे हुए दक्षिण की दीवार पारंपरिक पूजा का रूप

हनुमान जी की तस्वीर बेडरूम में नहीं लगाई जाती, क्योंकि उन्हें बाल ब्रह्मचारी माना जाता है। सीढ़ी के नीचे और बाथरूम की दीवार पर भी नहीं। कई परिवार घर के मंदिर में हनुमान जी को अलग से राम दरबार के साथ रखते हैं।

घर में कौन सी तस्वीरें और पेंटिंग नहीं लगानी चाहिए?

वास्तु में ऐसी तस्वीरें न लगाने की सलाह दी जाती है जो दुख, हिंसा या टूटन दिखाती हों। सबसे आम सूची यह है:

  • युद्ध के दृश्य: महाभारत के युद्ध की तस्वीर घर में नहीं लगाई जाती। गीता उपदेश वाली तस्वीर, जिसमें कृष्ण अर्जुन को समझा रहे हैं, कई लोग इसका अपवाद मानते हैं।
  • डूबती नाव या जहाज: इसे रुकावट और नुकसान का प्रतीक माना जाता है।
  • रोते हुए बच्चे या उदास चेहरे: बाजार में मिलने वाली “क्राइंग बॉय” जैसी पेंटिंग।
  • जंगली जानवर शिकार करते हुए: शेर, चीता या बाज का शिकार करते हुए चित्र।
  • सूखे पेड़, रेगिस्तान, बुझती आग: ये सूनेपन के प्रतीक माने जाते हैं।
  • ताजमहल: कुछ वास्तु जानकार इसे मकबरा होने के कारण घर में नहीं लगाने की सलाह देते हैं। बहुत से लोग इसे सिर्फ प्रेम और सुंदर इमारत की तस्वीर मानते हैं।
  • नटराज: कुछ परिवार शिव के तांडव रूप को घर में नहीं रखते, क्योंकि यह विनाश का नृत्य माना जाता है। कई नृत्य सीखने वाले परिवार नटराज को खास तौर पर रखते हैं।

कौन सी तस्वीरें शुभ मानी जाती हैं, और किस दीवार पर?

तस्वीर दीवार मान्यता
उगता सूरज पूर्व नई शुरुआत
झरना, नदी, बहता पानी उत्तर धन का प्रवाह (पानी अंदर की ओर बहता दिखे)
पहाड़ दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम स्थिरता
परिवार की हंसती फोटो दक्षिण-पश्चिम आपसी मेल
राधा-कृष्ण बेडरूम प्रेम
हरे-भरे खेत, बाग पूर्व या उत्तर ताजगी
सात दौड़ते घोड़े पूर्व या दक्षिण तरक्की

सात घोड़ों की तस्वीर के नियम विस्तार से हाथी, कछुआ, उल्लू और सात घोड़े वाले लेख में हैं।

तस्वीरों के रोज के नियम क्या हैं?

  1. टूटे कांच वाली फ्रेम तुरंत ठीक कराएं या हटाएं।
  2. फटी, धुंधली या सीलन से खराब तस्वीरें, खासकर भगवान की, सम्मान से हटा दें।
  3. एक दीवार पर बहुत सी तस्वीरें न ठूंसें।
  4. बेड के ठीक सामने आईना या पानी की तस्वीर न हो, यह भी एक आम सलाह है। बेडरूम के बाकी नियम सोते समय सिरहाने क्या न रखें में हैं।

भगवान की तस्वीरों और मूर्तियों को मंदिर में कैसे रखें, यह घर का मंदिर: दिशा, रंग और क्या न रखें में देखें।

तस्वीरों से जुड़े सामान्य सवाल

क्या पितरों की तस्वीर ड्राइंग रूम में लगा सकते हैं?

लगा सकते हैं, अगर वह दक्षिण की दीवार पर हो और मुख्य द्वार के ठीक सामने न हो। बहुत से परिवार ड्राइंग रूम में ही दिवंगत माता-पिता की तस्वीर रखते हैं।

क्या पितरों की तस्वीर पर रोज दीया जलाना जरूरी है?

नहीं। ज्यादातर परिवार पुण्यतिथि, श्राद्ध और अमावस्या पर दीया जलाते हैं। रोज का कोई नियम जरूरी नहीं माना जाता।

दक्षिण की दीवार पर पितरों और हनुमान जी, दोनों की तस्वीर लगा सकते हैं?

दोनों को एक साथ, एक ही फ्रेम या बगल में नहीं लगाया जाता। एक ही दीवार हो तो दोनों के बीच दूरी रखें, या हनुमान जी को मंदिर में रखें।

बच्चों के कमरे में कौन सी तस्वीर लगाएं?

पढ़ाई की मेज के सामने, पूर्व या उत्तर की दीवार पर सरस्वती जी, उगते सूरज या कोई प्रेरणा देने वाली तस्वीर लगाई जाती है। डरावने कार्टून या हिंसक पोस्टर से बचने की सलाह दी जाती है।

यह लेख बताता है कि पंचांग की परंपरा किसी समय के बारे में क्या कहती है; यह किसी की निजी सलाह नहीं है। ऊपर के पेजों पर समय आपके चुने हुए शहर के हिसाब से निकलता है।

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